
यह विवादित आयोजन देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में आयोजित 6 दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम का हिस्सा था। आरोप है कि मनोरंजन के नाम पर ओडिशा से बार डांसर बुलाई गई थी, जिसने मंच पर बेहद अश्लील अंदाज में डांस किया। 8 जनवरी से शुरू हुए इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ रही थी। 9 जनवरी की रात मामला और गंभीर हो गया जब एसडीएम तुलसी दास मरकाम स्वयं वहां पहुंचे। आयोजकों ने उनके लिए सबसे आगे की सीट आरक्षित कर रखी थी। बताया जा रहा है कि रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक डांसर अर्धनग्न अवस्था में नाचती रही और पंडाल में मौजूद लोग कानून की परवाह किए बिना पैसे लुटाते रहे।
खाकी पर भी लगा दाग: पुलिसकर्मी के अमर्यादित व्यवहार से बढ़ा गुस्सा, दो जवानों को किया गया लाइन अटैच
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में न केवल प्रशासनिक अधिकारी बल्कि पुलिस महकमे की भी घोर लापरवाही उजागर हुई है। वीडियो में कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी डांसर के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करता और मर्यादा लांघता हुआ दिखाई दे रहा है। सुरक्षा और कानून व्यवस्था संभालने वाली पुलिस की इस हरकत ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले के तूल पकड़ने पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने और अनुशासनहीनता के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए हैं।
अपर कलेक्टर के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित: चार युवक गिरफ्तार और आयोजकों पर भी गिरेगी गाज, कमिश्नर को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर के नेतृत्व में एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। यह समिति कार्यक्रम की अनुमति से लेकर वहां हुई हर गतिविधि की गहराई से जांच करेगी। देवभोग पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो इस अश्लील आयोजन के प्रबंधन में शामिल थे। जांच समिति की रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे आगे की कार्रवाई के लिए कमिश्नर को भेजा जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो।
मनोरंजन की आड़ में नियमों की धज्जियां: ओपेरा की शर्तों का हुआ खुला उल्लंघन, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
गरियाबंद की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों की निगरानी में बड़ी चूक हो रही है। ओपेरा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए जो शर्तें तय की जाती हैं, उनका सरेआम उल्लंघन किया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के नाम पर इस तरह की अश्लीलता समाज पर बुरा असर डालती है, और जब प्रशासन के लोग ही इसे बढ़ावा दें तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है और लोग जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कड़ी सजा का इंतजार कर रहे हैं।



