अयोध्या राम मंदिर में सनसनीखेज घटना! युवक ने की मंदिर परिसर में नमाज अदा करने की कोशिश, सुरक्षा बलों ने मौके पर हिरासत में लिया

अयोध्या; धर्मनगरी अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर परिसर में शनिवार सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए। मंदिर के भीतर एक संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही वहां तैनात सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक व्यक्ति को पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, यह मामला मंदिर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र का है, जहां एक युवक ने कथित तौर पर नमाज अदा करने की कोशिश की। जैसे ही आसपास मौजूद श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर पड़ी, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा बलों ने बिना देरी किए युवक को अपने घेरे में लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी।

नारेबाजी और हंगामे की खबर: श्रद्धालुओं के टोकने पर युवक ने किया विरोध, सुरक्षा सूत्रों ने दी जानकारी

चश्मदीदों और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति मंदिर परिसर के भीतर धार्मिक नियमों का उल्लंघन कर रहा था। जब वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने कथित तौर पर संप्रदाय विशेष के नारे लगाने शुरू कर दिए। मंदिर जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की हरकत से माहौल तनावपूर्ण हो गया था। ड्यूटी पर तैनात जवानों ने स्थिति को बिगड़ने से पहले ही काबू में कर लिया। घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है और हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही है।

कश्मीरी वेशभूषा में था संदिग्ध: शोपियां निवासी अबू अहमद शेख के रूप में हुई पहचान, शॉल विक्रेताओं से भी पूछताछ

हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान 50 वर्षीय अबू अहमद शेख के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। पकड़े जाने के वक्त वह पारंपरिक कश्मीरी वेशभूषा में था। बताया जा रहा है कि वह दर्शन करने के बाद सीता रसोई के पास पहुंचा और वहां नमाज पढ़ने का उपक्रम करने लगा। पुलिस ने इस मामले में केवल अबू अहमद को ही नहीं, बल्कि उसके साथ आए या आसपास मौजूद कुछ शॉल बेचने वाले लोगों को भी संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। इन सभी से उनके अयोध्या आने के मकसद और स्थानीय संपर्कों के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है।

खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर: पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों का कड़ा पहरा, जांच के घेरे में युवक का पिछला रिकॉर्ड

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। अबू अहमद शेख से किसी अज्ञात स्थान पर पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। उसके पास से मिले दस्तावेजों और मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि वह अयोध्या कब पहुंचा और यहां उसके रुकने की व्यवस्था किसने की थी। शोपियां पुलिस से भी संपर्क कर उसके आपराधिक या संदिग्ध रिकॉर्ड के बारे में जानकारी मांगी गई है।

प्रशासन और ट्रस्ट ने साधी चुप्पी: संवेदनशीलता को देखते हुए आधिकारिक बयान का इंतजार, मंदिर में दर्शन जारी

इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मौन साध रखा है। मंदिर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि मामले की संवेदनशीलता और जांच की गोपनीयता को देखते हुए अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। हालांकि, मंदिर में आम श्रद्धालुओं के दर्शन की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा है और वह पहले की तरह ही सुचारू रूप से चल रही है। सुरक्षा कारणों से मंदिर के प्रवेश द्वारों पर तलाशी अभियान को और सघन कर दिया गया है।

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राम मंदिर की सुरक्षा को देश के सबसे अभेद्य सुरक्षा घेरों में से एक माना जाता है। ऐसे में एक बाहरी व्यक्ति का अंदर पहुंचकर इस तरह की हरकत करना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करता है। हालांकि सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई ने किसी भी अप्रिय स्थिति को टाल दिया। इस घटना के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मंदिर परिसर के भीतर सीसीटीवी निगरानी और सादे लिबास में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अयोध्या प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर यकीन न करने की अपील की है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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