
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का सातवां दिन काफी गहमागहमी भरा रहने वाला है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप और राजस्व मंत्री को विधायकों के कड़े सवालों का जवाब देना होगा। विपक्ष ने इस बार सरकार को घेरने के लिए विज्ञापनों के भुगतान, वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध कब्जों जैसे संवेदनशील मुद्दों की सूची तैयार की है। सत्ता पक्ष के लिए आज का दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि कई महिला विधायकों ने सीधे तौर पर मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर सवाल दागे हैं।
नेशनल हेराल्ड को दिए गए विज्ञापनों पर रेणुका सिंह का सवाल
सदन में आज सबसे ज्यादा चर्चा नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र और नवसृजन मैगजीन को दिए गए विज्ञापनों को लेकर होने की संभावना है। भाजपा विधायक रेणुका सिंह मुख्यमंत्री से इन संस्थानों को पिछले वर्षों में भुगतान की गई राशि का ब्यौरा मांगेंगी। वे यह जानना चाहती हैं कि विज्ञापन मद में अब तक सालवार कितनी राशि दी गई है और इसके पीछे के मापदंड क्या थे। इसके अलावा, विधायक कुंवर सिंह निषाद कांकेर जिले में गोदावरी इस्पात कंपनी को आयरन ओर खनन की अनुमति मिलने की प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री से जवाब तलब करेंगे।
बाघों की अस्वाभाविक मौत और वन विभाग की घेराबंदी
प्रदेश में लगातार हो रही वन्यजीवों की मौत का मामला भी आज सदन में गूंजेगा। विधायक शेषराज हरवंश ने वन मंत्री केदार कश्यप से राज्य में बाघों और अन्य वन्यजीवों की अस्वाभाविक मृत्यु के कारणों पर जवाब मांगा है। वे यह जानना चाहती हैं कि पिछले कुछ समय में किन-किन परिस्थितियों में वन्यजीवों की जान गई और विभाग ने उनकी सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं। वहीं, धमतरी विधायक ओंकार साहू परिवहन विभाग से जुड़े फिटनेस, परमिट और ओवरलोडिंग के मामलों में की गई कार्रवाई पर मंत्री को घेरेंगे।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर राजस्व मंत्री से जवाब
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के सामने सरकारी भूमि पर बढ़ते अवैध कब्जों का मुद्दा प्रमुखता से उठेगा। विधायक संगीता सिन्हा ने विभाग को प्राप्त हुए शिकायती आवेदनों और अतिक्रमणकारियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। वे यह भी जानना चाहती हैं कि कितने लोगों को बेदखली का वारंट जारी किया गया है और वास्तव में कितने अतिक्रमण हटाए गए हैं। अवैध निर्माण और शासकीय भूमि की सुरक्षा को लेकर राजस्व मंत्री के जवाब पर पूरे सदन की नजर रहेगी।
शून्यकाल में हंगामे के आसार, विपक्ष ने कसी कमर
प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल के दौरान भी सदन में भारी शोर-शराबे की स्थिति बन सकती है। विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचने के लिए कई ध्यानाकर्षण प्रस्ताव तैयार किए हैं। धान खरीदी में आ रही तकनीकी दिक्कतों और हालिया अफीम कांड जैसे विषयों पर विपक्ष सदन में हंगामे की तैयारी में है। मंत्रियों के जवाबों से असंतुष्ट होने पर विपक्ष की ओर से वॉकआउट की स्थिति भी बन सकती है, जिससे आज की कार्यवाही काफी लंबी चलने की उम्मीद है।
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