CG Legislative Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा का 11वां दिन: धान, बारदाना और महतारी वंदन पर तीखे सवाल, जानें आज सदन के मुद्दे…

CG Legislative Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 11वां दिन काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने किसानों के मुद्दे और महिला विकास की योजनाओं को लेकर सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। आज मुख्य रूप से खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े विपक्ष के निशाने पर रहेंगे। धान खरीदी में आई दिक्कतों, बारदानों की गुणवत्ता और महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के नाम कटने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सदन में गरमागरम बहस देखने को मिल सकती है।

धान उठाव और भुगतान पर तकरार

विधानसभा में विधायक रामकुमार यादव ने सक्ती जिले के सेवा सहकारी समितियों में प्रासंगिक व्यय (Contingency Expenditure) की राशि रोके जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या 18 फरवरी 2026 तक समितियों का भुगतान रोका गया था और धान का उठाव क्यों बंद था? इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने स्पष्ट किया कि धान की ‘रिसायकिलिंग’ रोकने के लिए 17 जनवरी के बाद अस्थाई रूप से उठाव रोका गया था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अब समितियों को पूरा भुगतान किया जा चुका है और उठाव की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

अजय चंद्राकर उठाएंगे कस्टम मिलिंग और करोड़ों के बकाया भुगतान का मुद्दा

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायक अजय चंद्राकर प्रदेश के राइस मिलर्स और कस्टम मिलिंग की व्यवस्था को लेकर करेंगे तीखे सवाल। उन्होंने सरकार से खरीफ वर्ष 2022-23 से लेकर 2024-25 तक की अवधि के लिए कस्टम मिलिंग, धान परिवहन और बारदाना उपयोगिता शुल्क के नियमों की विस्तृत जानकारी मांगते हुए चंद्राकर पूछेंगे कि सरकार ने पिछले तीन वर्षों में राइस मिलर्स को भुगतान के लिए क्या नियम और शर्तें लागू की थीं और क्या इन शर्तों का पालन करते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है?

1721 करोड़ के बारदाने और गुणवत्ता का विवाद

सदन में बारदाना खरीदी को लेकर भी सरकार को घेरा गया। विधायक पुरन्दर मिश्रा के सवाल पर खाद्य मंत्री ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए जूट कमिश्नर, कोलकाता के माध्यम से 4.31 लाख गठान नए बारदाने खरीदे गए, जिसके लिए 1721.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। मंत्री ने स्वीकार किया कि कई जिलों से इन बारदानों के ‘अमानक’ (घटिया गुणवत्ता) होने की शिकायतें मिली हैं, जिसके लिए जूट कमिश्नर को क्लेम प्रस्तुत किया गया है। विपक्ष ने सवाल उठाया कि जब इतनी भारी राशि खर्च की गई, तो खराब गुणवत्ता के बारदाने कैसे स्वीकार किए गए?

बस्तर के आंगनबाड़ियों की बदहाली पर सवाल

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से बस्तर संभाग में संचालित आंगनबाड़ियों की स्थिति पर जवाब मांगा गया। मंत्री ने बताया कि संभाग में कुल 9876 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनमें से 2209 केंद्रों के पास अपना भवन ही नहीं है। इसके अलावा 962 भवन बेहद जर्जर स्थिति में हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हजारों केंद्रों में अब भी शौचालय और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। विपक्ष ने सरकार पर बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बच्चों के भविष्य की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

महतारी वंदन योजना: लाभार्थियों के नाम कटने पर हंगामा

प्रदेश की सबसे चर्चित ‘महतारी वंदन योजना’ को लेकर विधायक संगीता सिन्हा ने सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि 15 फरवरी 2026 की स्थिति में कुल कितनी महिलाओं को लाभ मिल रहा है और पहली किस्त के बाद से अब तक किन कारणों से महिलाओं के नाम काटे गए हैं? विपक्ष का आरोप है कि बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया है।

धान खरीदी का लक्ष्य और ‘रकबा समर्पण’ की पहेली

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक संदीप साहू ने धान खरीदी के आंकड़ों पर सरकार को घेरा। सवाल उठा कि क्या एग्रीस्टेक पोर्टल का डेटा त्रुटिपूर्ण है, जिसके कारण कई किसानों का रकबा ‘शून्य’ कर दिया गया? बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में ‘रकबा समर्पण’ (Area Surrender) करने वाले किसानों की संख्या पर भी जानकारी मांगी गई। विपक्ष ने पूछा कि जो किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं, उनके बैंकों के कर्ज की वसूली रोकने के लिए सरकार की क्या नीति है?

सेनेटरी नेपकिन और दिव्यांग पेंशन में अनियमितता के आरोप

विधायक कुंवर सिंह निषाद ने ‘सुचिता योजना’ के तहत स्कूलों में सेनेटरी नेपकिन की आपूर्ति में भ्रष्टाचार की आशंका जताई। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया और सामग्री के भौतिक सत्यापन पर सवाल खड़े किए। वहीं, बसना और पिथौरा क्षेत्र में विकलांग पेंशन के आवेदनों के निरस्त होने पर डॉ. सम्पत अग्रवाल ने मंत्री को घेरा। इन तमाम मुद्दों पर विपक्ष के कड़े तेवरों को देखते हुए आज विधानसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित होने की संभावना है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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