
नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की समय सीमा को बढ़ा दिया है। आयोग ने पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए नया शेड्यूल जारी किया है, जिसके तहत अब यह प्रक्रिया 7 दिनों तक आगे बढ़ाई गई है। पहले एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर तक थी, जो अब बढ़कर 11 दिसंबर हो गई है। पूरी प्रक्रिया अब संशोधित तारीखों के आधार पर ही होगी।
इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगा नया शेड्यूल
Election Commission: निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किया गया यह नया शेड्यूल छत्तीसगढ़ के अलावा गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी लागू होगा। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का काम नए निर्धारित समय पर पूरा किया जाएगा।
SIR प्रक्रिया की संशोधित तिथियाँ
आयोग द्वारा जारी किए गए नए शेड्यूल के अनुसार, मतदाता सूची से जुड़ी आगे की सभी प्रक्रियाएं अब संशोधित तारीखों के आधार पर पूरी की जाएंगी। मुख्य प्रक्रियाएं इस प्रकार हैं:
| चरण | गतिविधि | पुरानी तिथि | संशोधित/नई तिथि |
| पहला चरण | घर-घर सत्यापन और मतदान केंद्रों का पुनर्गठन | 4 दिसंबर तक | 11 दिसंबर तक |
| दूसरा चरण | कंट्रोल टेबल अपडेट करना और ड्राफ्ट रोल तैयार करना | – | 12 दिसंबर से 15 दिसंबर तक |
| तीसरा चरण | ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन | – | 16 दिसंबर तक |
| चौथा चरण | दावा-आपत्तियां दाखिल करने की अवधि | – | 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक |
| पाँचवा चरण | नोटिस फेज (ईआरओ द्वारा) | – | 16 दिसंबर से 7 फरवरी तक |

दावा-आपत्तियां और नोटिस फेज की तारीखें भी बदलीं
नए शेड्यूल में दावा-आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक तय की गई है। इसके साथ ही, नोटिस फेज, जो ईआरओ द्वारा दावा-आपत्तियों के निपटारे के साथ समानांतर चलेगा, वह 16 दिसंबर से 7 फरवरी तक चलेगा। यह कदम समय सीमा में पर्याप्त विस्तार देता है, जिससे मतदाता सूची के अद्यतनीकरण का कार्य अधिक सटीकता और व्यापकता के साथ पूरा किया जा सके।



