
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में 22 सितंबर को मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पैदल जा रही भिलाई की टॉपर छात्रा महिमा साहू की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। तेज रफ्तार थार गाड़ी से कुचलने के बाद हुई इस दुर्घटना में पुलिस ने नाबालिग ड्राइवर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गाड़ी के मालिक ने सच्चाई छिपाने के लिए पुलिस के सामने एक फर्जी ड्राइवर पेश किया था।

फर्जी ड्राइवर पेश कर सच छिपाने की कोशिश
Dongargarh Road Accident: राजनांदगांव पुलिस के मुताबिक, जिस महिंद्रा थार गाड़ी (क्रमांक सीजी 04 क्यूसी 8007) से दुर्घटना हुई, उसे एक नाबालिग चला रहा था। हादसे के बाद गाड़ी के असली मालिक रजत सिंह (31 साल, भिलाई) ने अपने साथी नयन सिंह उर्फ छोटू (31 साल, दुर्ग) के साथ मिलकर साजिश रची। उन्होंने दुर्घटना की सच्चाई छिपाने और नाबालिग को बचाने के लिए राजू कुमार धुर्वे (26 साल, कबीरधाम) को फर्जी ड्राइवर बनाकर पुलिस के सामने पेश कर दिया।
सोमनी थाना प्रभारी प्रमोद श्रीवास्तव की टीम ने जब सख्ती से पूछताछ की, तो गाड़ी मालिक रजत सिंह ने पुलिस को गुमराह करने की बात कबूल कर ली। पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन में चली जांच के बाद अब इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- रजत सिंह (31 साल, भिलाई): थार गाड़ी का असली मालिक।
- नयन सिंह उर्फ छोटू (31 साल, दुर्ग): जिसने वाहन किराए पर लिया और साजिश में शामिल रहा।
- राजू कुमार धुर्वे (26 साल, कबीरधाम): फर्जी ड्राइवर बनकर पेश हुआ।
- नाबालिग आरोपी: जिसने गाड़ी चलाकर दुर्घटना की।

पुलिस ने आरोपियों पर धारा 106, 61(2), 238 बीएनएस और 199(क) मोटरयान अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है।
आईएएस बनने का सपना देखने वाली थी महिमा
मृतक महिमा साहू भिलाई की रहने वाली थी और मात्र 20 साल की थी। वह पढ़ाई में बेहद होनहार थी और 2023 में 12वीं की टॉपर रही थी, जिसने राज्य में छठवां रैंक हासिल किया था। महिमा का सपना आईएएस बनकर कलेक्टर बनने का था। पढ़ाई के साथ ही वह पोस्ट ऑफिस में सरकारी नौकरी भी कर रही थी।
महिमा ने तीन साल पहले सरकारी नौकरी लगने की मन्नत के साथ डोंगरगढ़ जाने का संकल्प लिया था। यह उसकी तीसरी और अंतिम यात्रा थी। राजनांदगांव-दुर्ग जीई रोड पर ग्राम मनकी के पास तेज रफ्तार थार ने उसे टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल महिमा ने भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
पुलिस जांच पर भी उठ रहे सवाल
इस ‘हिट एंड रन’ मामले में पुलिस की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं। गाड़ी मालिक रजत सिंह के परिजनों का कहना है कि रजत ने तो पुलिस की मदद की थी और उनके कहने पर ही सब किया, लेकिन अब उसे ही फंसाया जा रहा है। हालांकि, सोमनी पुलिस ने परिजनों के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पुलिस ने साफ किया है कि वाहन मालिक ने जानबूझकर मुख्य ड्राइवर (नाबालिग) को बचाने के लिए झूठी कहानी बनाई थी। पुलिस ने आरोपी की थार गाड़ी भी जब्त कर ली है।



