
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबर आई है। यहां मैनपुर ब्लॉक के ग्राम गरीबा में एक महिला की उसकी ही सहेलियों ने बेहद क्रूरता के साथ हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले महिला के साथ अमानवीय बर्ताव किया और फिर उसे डंडों और लात-घूंसों से तब तक पीटा जब तक उसकी जान नहीं निकल गई। मृतका की पहचान 37 वर्षीय सुमित्रा नेताम के रूप में हुई है। इस वारदात की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
बदनामी की रंजिश में गई जान
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश और आपसी विवाद था। आरोपी महिलाओं सुगतिन नेताम और ईतवारिन बाई का आरोप था कि सुमित्रा गांव के लोगों के बीच उनके चरित्र को लेकर गलत बातें कह रही थी। सुमित्रा द्वारा लगाए जा रहे इन आरोपों से उनकी सामाजिक छवि खराब हो रही थी। इसी बात को लेकर तीनों के बीच काफी समय से तनाव चल रहा था और आरोपियों ने सुमित्रा को “सजा” देने का मन बना लिया था।
घर में घुसकर दिया खौफनाक अंजाम
यह घटना मंगलवार दोपहर की है जब सुमित्रा अपने घर पर थी। दोनों आरोपी महिलाएं उसे सबक सिखाने के इरादे से वहां पहुंचीं। उन्होंने पहले सुमित्रा को शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया और उसके गुप्तांग में लाल मिर्च और अन्य ज्वलनशील पदार्थ डाल दिए। जब वह जलन से तड़पने लगी तो आरोपियों ने उसके सीने पर चढ़कर लात-घूंसों और डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटों की वजह से सुमित्रा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस ने आरोपियों को भेजा जेल
वारदात के बाद आरोपी महिलाएं गांव से भागने की कोशिश कर रही थीं लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें देर रात गिरफ्तार कर लिया। यह इलाका नक्सल प्रभावित होने के कारण पुलिस ने पूरी सावधानी के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। थाना प्रभारी नकुल सिदार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पकड़ी गई दोनों महिलाओं के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।



