CG Cabinet Expansion: मंत्रिमंडल विस्तार पर सस्पेंस बरकरार, 20 अगस्त को खुल सकता है पत्ता

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जबरदस्त हलचल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार में खाली पदों को भरने की चर्चा बीते कई दिनों से चल रही है, लेकिन अब तक सिर्फ अटकलों का दौर जारी है। भाजपा के भीतर भी सभी की निगाहें कैबिनेट विस्तार पर टिकी हुई हैं, लेकिन कोई भी नेता खुलकर कुछ कहने को तैयार नहीं है।

अमर अग्रवाल की राजभवन में मुलाकात ने बढ़ाई हलचल

सोमवार की शाम अचानक पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल राजभवन पहुंचे। राज्यपाल रामेन डेका से उनकी मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाओं को और बल मिल गया। हालांकि अमर अग्रवाल ने इसे पहले से तय शिष्टाचार भेंट बताया, लेकिन जिस समय यह बैठक हुई, वह संयोग नहीं माना जा रहा।

सीनियर बनाम जूनियर का तनाव

पार्टी सूत्रों के अनुसार, जिन विधायकों के नाम मंत्री पद के लिए सामने आ रहे हैं, वे ज्यादातर पहली बार के विधायक हैं। इससे पार्टी के सीनियर विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि यही नाराजगी मंत्रिमंडल विस्तार में देरी की एक बड़ी वजह है।
पिछले दो-तीन दिनों में पार्टी स्तर पर इस नाराजगी को शांत करने की कोशिशें हुई हैं। अंदरखाने सीनियर और जूनियर नेताओं के बीच संतुलन बैठाने की कवायद चल रही है।

विस्तार की तैयारी थी, लेकिन ऐन वक्त पर टल गया

विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार की घोषणा की पूरी तैयारी थी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी के कारण इसे कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री साय के 21 अगस्त से शुरू हो रहे विदेश दौरे से पहले 20 अगस्त को विस्तार संभव है। अगर उस दिन भी नहीं हुआ, तो मामला कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में जा सकता है।

इन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में

मंत्री पद की दौड़ में जिन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं, उनमें अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर, विक्रम उसेंडी, राजेश मूणत, राजेश अग्रवाल, गजेंद्र यादव और गुरु खुशवंत सिंह साहेब शामिल हैं। हालांकि भाजपा की राजनीति में अक्सर चौंकाने वाले फैसले भी हुए हैं, इसलिए कुछ नए चेहरों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

भाजपा में पहली बार इतना सस्पेंस

छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह पहला मौका है जब भाजपा में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इतना लंबा इंतजार और गहरा सस्पेंस देखने को मिल रहा है। रमन सिंह की सरकार के दौरान भी मंत्रियों के पद कुछ समय तक खाली रहे थे, लेकिन इस तरह का असमंजस कभी नहीं देखा गया। अब सबकी निगाहें 20 अगस्त पर टिकी हैं। अगर उस दिन भी कैबिनेट विस्तार नहीं हुआ, तो सियासी चर्चाएं और तेज हो सकती हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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