
रायपुर: CG Budget Session: बजट पर जारी सामान्य चर्चा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अजय चंद्राकर के बीच सियासी टकराव छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन बजट पर सामान्य चर्चा जारी है। इस दौरान सियासी बयानों का दौर भी तेज हो गया। कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जहां सरकार को निशाने पर लिया, वहीं भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह ने उनका जवाब दिया और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
अजय चंद्राकर ने लगाए कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा के दौरान कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में वित्तीय कुप्रबंधन था, जिसके चलते राज्य की राजस्व प्राप्ति का अनुमान गलत साबित हुआ। चंद्राकर ने कहा, “चार साल तक वित्तीय घाटा 3 प्रतिशत से ऊपर रहा, लेकिन अब हमारी सरकार में राजस्व अनुमान से अधिक प्राप्त हुआ और वित्तीय घाटा घटकर 3 प्रतिशत से कम हो गया।”
चंद्राकर ने कोयला परिवहन प्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कांग्रेस ने ऑनलाइन सिस्टम को ऑफलाइन में बदल दिया, जिससे राजस्व में कमी आई। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस गरीबों से नफरत करती है, क्योंकि 18 लाख गरीबों को मकान देने में विफल रही है।
भूपेश बघेल ने सरकार पर किए कटाक्ष
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अजय चंद्राकर के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने पहली बार हस्तलिखित बजट पेश किया है, जो उनकी नीतियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। बघेल ने कहा, “वित्त मंत्री को अपने ही विभाग के लोगों पर विश्वास नहीं रहा, इसलिए उन्होंने खुद हस्तलिखित बजट तैयार किया।”
भूपेश बघेल ने राज्य के विकास की दिशा को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बजट में राज्य के विकास के लिए कोई ठोस दिशा नहीं है और जिस गति की बात की जा रही है, अगर उसकी दिशा सही नहीं होगी तो यह राज्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा किसानों को 3100 रुपए समर्थन मूल्य देने को अपनी सरकार की संघर्षों का परिणाम बताया और यह भी कहा कि उनकी सरकार ने सिर्फ धान के किसानों को ही नहीं, बल्कि कोदो-कुटकी और मक्का उगाने वाले किसानों को भी राहत दी थी।
भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कांग्रेस पर कसा तंज
चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि पार्टी में हर चुनाव के बाद अराजकता और असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेताओं की ओर से दिए गए बयान अक्सर विवादित होते हैं, जैसे कि अबू आज़मी द्वारा औरंगज़ेब को ‘भला आदमी’ कहने के बयान को लेकर।
सिंह ने यह भी कहा कि रामलला के दर्शन का अधिकार छत्तीसगढ़ की जनता का है और विपक्ष को इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने बजट में किए गए कई फैसलों का समर्थन किया, जैसे पेट्रोल की कीमत में कमी और रायपुर-दुर्ग मेट्रो के लिए सर्वे की घोषणा।
छत्तीसगढ़ का बजट: सियासी बयानबाजी के बीच विकास के वादे
बजट सत्र में सियासी बयानबाजी के बीच यह भी देखा गया कि सरकार अपनी नीतियों को लेकर दावे कर रही है, जबकि विपक्ष उन नीतियों की विफलता को उजागर कर रहा है। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री ने जहां अपनी योजनाओं को जनता के सामने रखा, वहीं विपक्ष ने उन्हें चुनौती दी और पूछा कि क्या इन योजनाओं से राज्य के वास्तविक विकास में मदद मिलेगी।
बहरहाल, बजट सत्र का यह सातवां दिन एक बार फिर सियासी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का मैदान बन गया, जिसमें दोनों दलों ने एक-दूसरे को निशाने पर लिया।