शिक्षा विभाग में बड़ा हड़कंप, शिक्षकों की सर्विस बुक दफ्तर से गायब, छत्तीसगढ़ के इस जिले में गड़बड़ी आई सामने,1872 कर्मचारियों के सत्यापन में खुली पोल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शिक्षा विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। मेडिकल बिल घोटाले और युक्तियुक्तकरण की गड़बड़ियों के बाद अब बिल्हा बीईओ कार्यालय से 100 से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों की सर्विस बुक गायब होने का मामला सामने आया है। दरअसल, कार्यालय में कुल 1872 कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं के संधारण का काम शुरू किया गया था, इसी दौरान गिनती में भारी कमी पाई गई। इस खबर के फैलते ही विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 सदस्यीय जांच टीम बना दी है, जो इस बात का पता लगाएगी कि ये महत्वपूर्ण दस्तावेज आखिर गए कहां।

क्यों महत्वपूर्ण है सर्विस बुक? गायब होने से शिक्षकों पर क्या होगा असर

किसी भी सरकारी कर्मचारी के लिए उसकी सेवा पुस्तिका यानी सर्विस बुक सबसे जरूरी दस्तावेज होती है। इसमें नियुक्ति की तारीख से लेकर नियमितीकरण, इंक्रीमेंट, प्रमोशन, ट्रांसफर और प्रतिनियुक्ति तक का पूरा ब्योरा दर्ज होता है। इसके अलावा कर्मचारी द्वारा लिए गए मेडिकल लीव, मातृत्व अवकाश और अर्जित अवकाश की जानकारी भी इसी में होती है। यदि यह दस्तावेज गायब हो जाता है, तो शिक्षक के प्रमोशन और रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लाभ अटक सकते हैं। संविलियन के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक एलबी संवर्ग में शामिल हुए हैं, लेकिन वर्षों से उनकी सर्विस बुक अपडेट न होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।

क्या जानबूझकर गायब किए गए रिकॉर्ड? पहले कबाड़ में मिली थीं फाइलें

विभाग में चर्चा है कि ये सर्विस बुक कहीं खोई नहीं हैं, बल्कि किसी गड़बड़ी को छुपाने के लिए इन्हें जानबूझकर गायब कर दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले कोटा ब्लॉक में भी ऐसी ही लापरवाही सामने आई थी, जहां सरकारी शिक्षकों की सर्विस बुक रद्दी के ढेर में मिली थीं। कबाड़ बेचने की तैयारी के दौरान एक कर्मचारी की नजर उन पर पड़ी और उन्हें बचाया जा सका। उस मामले में जांच के बाद दो क्लर्कों को निलंबित किया गया था। अब बिल्हा में भी लिपिकों की इसी तरह की बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है।

वर्षों से अधूरा पड़ा है संधारण, त्रुटि की भी बनी हुई है आशंका

बिलासपुर जिले में पंचायत संवर्ग और शिक्षक एलबी की सर्विस बुक का संधारण कई सालों से लटका हुआ है। इस कारण कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि और प्रमोशन जैसे महत्वपूर्ण उल्लेख दर्ज ही नहीं हो सके हैं। अब लंबे समय बाद जब विभाग इन रिकॉर्ड्स को अपडेट करने की कोशिश कर रहा है, तो न केवल फाइलें गायब मिल रही हैं, बल्कि जानकारी दर्ज करने में भी गलतियों की पूरी संभावना है। शिक्षक संघों ने कई बार विभाग को पत्र लिखकर सेवा पुस्तिकाएं दुरुस्त करने की मांग की थी, लेकिन ब्लॉक कार्यालयों के लिपिकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

Also Read: CG Govt Teacher Salary Stopped: छत्तीसगढ़ में इतने शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोकने का आदेश, इस वजह से कलेक्टर ने लिया निर्णय, प्रधानपाठक पर भी गिरी गाज

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button