
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास अभनपुर ब्लॉक में 31 दिसंबर को एक विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। ग्राम सोनपैरी स्थित संत असंग देव कबीर आश्रम में होने वाले इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शुरू होगा जिसमें राष्ट्रीय संत असंग देव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। आयोजन समिति का कहना है कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति का संरक्षण और समाज में समरसता बढ़ाना है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और समिति की मुस्तैदी
कार्यक्रम की भव्यता को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन समिति के सचिव प्रदीप गजेंद्र के अनुसार सम्मेलन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। सोनपैरी में होने वाले इस जमावड़े में प्रदेशभर से साधु-संतों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों के पहुंचने की संभावना है। समिति ने सभी सनातनी समाज के लोगों से इस ऐतिहासिक मौके पर अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है ताकि राष्ट्रीय चेतना के संदेश को घर-घर पहुंचाया जा सके।
छत्तीसगढ़ में हिंदू सम्मेलनों का सिलसिला जारी
प्रदेश में पिछले कुछ समय से लगातार बड़े धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का दौर चल रहा है। 9 दिसंबर को विश्रामपुर में हिंदू महासंगम हुआ था, जबकि 12 दिसंबर को चंदखुरी के माता कौशल्या मंदिर में आरएसएस के बड़े नेताओं की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसी तरह भानुप्रतापपुर में भी विश्व हिंदू परिषद ने बड़ा सम्मेलन किया था। 31 दिसंबर को होने वाला यह कार्यक्रम इसी कड़ी का अगला और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है जिसमें आरएसएस प्रमुख का संबोधन पूरे प्रदेश के सामाजिक समीकरणों के लिहाज से अहम होगा।
इन प्रमुख विषयों पर होगा संतों का मार्गदर्शन
सोनपैरी के इस सम्मेलन में केवल धार्मिक चर्चा ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक बदलाव पर भी मंथन किया जाएगा। आश्रम के संरक्षक देवकर साहेब ने बताया कि डॉ. मोहन भागवत और संत असंग देव सामाजिक समरसता और सनातनी मूल्यों की रक्षा जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। नए साल की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने भी सतर्कता बरती है ताकि इतने बड़े स्तर पर होने वाले जनसमूह को सही ढंग से नियंत्रित किया जा सके। पूरे प्रदेश की नजरें इस वक्त अभनपुर के इस बड़े धार्मिक मंच पर टिकी हुई हैं।



