
छत्तीसगढ़ सचिवालय सेवा भर्ती नियम के अनुसार सीधी भर्ती के तृतीय श्रेणी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास निश्चित है। जबकि कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल आठवीं पास तबरेज आलम को अपनी निजी स्थापना में निज सहायक (Personal Assistant – PA) बनाना चाहते थे। उन्होंने तबरेज आलम को इस पद पर पदस्थ करने के लिए निर्देशित किया था, जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department – GAD) को पत्राचार किया गया था।
नियुक्ति में शैक्षणिक योग्यता बनी बाधा
सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्री राजेश अग्रवाल के विशेष सहायक को पत्र भेजकर सूचित किया है कि तबरेज आलम की नियुक्ति निज सहायक के रूप में संभव नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि छत्तीसगढ़ सचिवालय सेवा भर्ती नियम के अनुसार, तृतीय श्रेणी के लिए सीधी भर्ती हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास निर्धारित है, जबकि तबरेज आलम केवल आठवीं पास हैं।
साय कैबिनेट में राजेश अग्रवाल का प्रवेश
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने मंत्री पद की शपथ ली थी। वह भाजपा के उन विधायकों में से एक हैं जो सामान्य वर्ग से आते हैं और सरगुजा संभाग में अच्छी राजनीतिक पकड़ रखते हैं। उनकी जीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि उन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को पराजित किया था।
कांग्रेस के दिग्गज नेता टीएस सिंह देव को हराया
राजेश अग्रवाल का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था, लेकिन वह साल 2017 में भाजपा में शामिल हो गए थे। 2023 के विधानसभा चुनाव में उनकी जीत ने मंत्री बनने की अटकलों को तेज कर दिया था, जो करीब डेढ़ वर्ष के इंतजार के बाद मंत्रिमंडल में जगह मिलने के साथ पूरी हुईं। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव को हराना उनकी राजनीतिक करियर की एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।



