
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में खनिज माफिया के गुर्गों ने कानून को चुनौती देते हुए एक प्रशासनिक अधिकारी पर हमला कर दिया। घटना रतनपुर क्षेत्र के गढ़वट रेत घाट की है, जहां अवैध उत्खनन की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंचे नायब तहसीलदार राहुल साहू की जान पर बन आई। जब अधिकारी ने रेत से लदे एक ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया, तो ड्राइवर ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और सीधे तहसीलदार की ओर मोड़ दिया।
सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
रेत घाट पर हुई इस घटना के दौरान ट्रैक्टर चालक की नीयत भांपते ही नायब तहसीलदार राहुल साहू ने फुर्ती दिखाई और मौके से दूर कूद गए। अगर अधिकारी ने ऐन वक्त पर बचाव न किया होता, तो कोई बड़ी अनहोनी घट सकती थी। बताया जा रहा है कि आरोपी चालक रितुराज सिंह ने पकड़े जाने के डर से आधा रेत वहीं नदी में खाली कर दिया और पुलिस टीम को चकमा देकर ट्रैक्टर समेत बस्ती की ओर भाग निकला।
लंबे समय से चल रहा है अवैध कारोबार
स्थानीय लोगों के अनुसार रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़वट, सरवनदेवरी और खैरखुंडी इलाकों में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन काफी समय से फल-फूल रहा है। माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब सरकारी अधिकारियों पर हमला करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। रविवार को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर जब राजस्व विभाग की टीम वहां दबिश देने पहुंची, तब यह हिंसक झड़प हुई।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी को जमानत
घटना के बाद नायब तहसीलदार की शिकायत पर रतनपुर पुलिस ने आरोपी चालक रितुराज सिंह को हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। आरोपी को बेलतरा तहसीलदार की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई। हालांकि पुलिस ने अब तक वह ट्रैक्टर और अवैध रेत जब्त नहीं की है, जिससे कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।
सुरक्षा और प्रशासन की सख्ती पर सवाल
इस हमले के बाद प्रशासनिक हलकों में नाराजगी देखी जा रही है। थाना प्रभारी नीलेश पांडेय का कहना है कि शिकायत के आधार पर जरूरी कानूनी कदम उठाए गए हैं। लेकिन माफिया द्वारा बार-बार अधिकारियों को निशाना बनाने की घटनाओं ने फील्ड में काम करने वाले अमले की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। राजस्व विभाग के कर्मचारी अब अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान के साथ-साथ पुलिस सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।\



