
बस्तर के जंगलों से नक्सलियों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। तेलंगाना भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा कर दावा किया है कि खूंखार नक्सली कमांडर पापा राव सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया है। बीजापुर के नेशनल पार्क इलाके में पिछले दो दिनों से जारी सर्च ऑपरेशन के दौरान 6 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों या बस्तर पुलिस ने अभी तक अधिकारिक रूप से पापा राव की मौत की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस दावे ने खलबली मचा दी है।
कौन है 50 लाख का इनामी पापा राव?
सुन्नम पापा राव उर्फ चंद्रन्ना मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वह माओवादियों की सबसे ताकतवर इकाई ‘दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी’ (DSZC) का सक्रिय सदस्य है। वर्तमान में उसके पास पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के इंचार्ज की जिम्मेदारी है। पापा राव की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने उस पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। वह हमेशा अपने साथ एके-47 राइफल रखता है और करीब 30 से 40 अत्याधुनिक हथियारों से लैस नक्सलियों के घेरे में चलता है।
बड़े हमलों का मास्टरमाइंड और पुराना रिकॉर्ड
HISTORY: पापा राव बस्तर की भौगोलिक स्थिति और जल-जंगल-जमीन का पुराना जानकार है। इसी खूबी की वजह से वह कई बार सुरक्षाबलों को चकमा देकर भागने में सफल रहा है। उसके खिलाफ हत्या, लूट और आगजनी जैसे 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। भैरमगढ़ और पश्चिम बस्तर इलाके में सुरक्षाबलों पर हुए कई बड़े हमलों में उसकी सीधी संलिप्तता रही है। कुछ समय पहले एक मुठभेड़ में उसकी पत्नी उर्मिला, जो खुद एरिया कमेटी की सचिव थी, मारी गई थी लेकिन तब भी पापा राव बच निकला था।
सुरक्षाबलों का ‘मिशन पापा राव’
साल 2026 की शुरुआत में ही बस्तर पुलिस और डीआरजी (DRG) की विशेष टीम ने पापा राव को अपने सबसे बड़े टारगेट के रूप में चिन्हित किया था। सुरक्षाबलों ने 31 जनवरी 2026 तक उसे “जिंदा या मुर्दा” पकड़ने का लक्ष्य रखा था। आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पापा राव फिलहाल सरेंडर करने के पक्ष में नहीं था और जंगलों में रहकर संगठन को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। बीजापुर और सुकमा के सीमावर्ती इलाकों में उसकी सक्रियता ने जवानों की नींद उड़ा रखी थी।
बीजापुर ऑपरेशन में मिली बड़ी कामयाबी
बीजापुर एनकाउंटर में अब तक डीवीसीएम (DVCM) रैंक के कमांडर दिलीप बेड़जा समेत कई कुख्यात नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। अगर पापा राव के मारे जाने का दावा सच साबित होता है, तो यह नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो के लिए सबसे बड़ा झटका होगा। पापा राव स्थानीय स्तर पर नक्सली कैडरों को संगठित करने और रसद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता था। फिलहाल पुलिस मुठभेड़ स्थल से मिले शवों की शिनाख्त कर रही है ताकि जल्द ही इस पर आधिकारिक बयान जारी किया जा सके।



