
धमतरी जिले में बिजली बिल की वसूली के लिए विद्युत विभाग ने अब परंपरागत तरीका छोड़कर आधुनिक तकनीक अपना ली है। अब लाइन काटने के लिए विभाग की टीम को सीढ़ी और प्लास लेकर उपभोक्ता के घर तक जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। स्मार्ट मीटर और ऑनलाइन जीपीएस सिस्टम की मदद से अधिकारी दफ्तर में बैठकर एक क्लिक कर रहे हैं और बकायादारों के कनेक्शन खुद-ब-खुद कट जा रहे हैं। इस डिजिटल सख्ती का असर यह हुआ कि जैसे ही बत्ती गुल हुई, उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया और वे तुरंत बिल जमा करने के लिए दफ्तरों की ओर दौड़े।
स्मार्ट मीटर से 14 लाख की वसूली का अभियान
धमतरी संभाग में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत विभाग ने उन 274 उपभोक्ताओं को निशाना बनाया जिन्होंने लंबे समय से बिल का भुगतान नहीं किया था। इन लोगों पर कुल 14.17 लाख रुपये की राशि बकाया थी। सिस्टम के जरिए ऑनलाइन कनेक्शन काटते ही परिणाम भी तुरंत मिले। करीब 178 उपभोक्ताओं ने तत्काल 10.40 लाख रुपये जमा कर दिए। राहत की बात यह रही कि जैसे ही बकाया राशि जमा हुई, ऑनलाइन सिस्टम ने उनकी बिजली आपूर्ति भी तुरंत बहाल कर दी।
तीन दिन पहले मोबाइल पर दी जा रही चेतावनी
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की जा रही है। कार्यपालन अभियंता अनिल प्रसाद सोनी के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं का बिल बकाया है, उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर लगातार तीन दिनों तक एसएमएस भेजकर भुगतान की याद दिलाई जा रही है। जब निर्धारित समय के भीतर पैसा जमा नहीं होता, तभी ऑनलाइन डिस्कनेक्शन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को परेशान करना नहीं बल्कि राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना है।
अवैध बिजली जुड़ाव किया तो सीधे होगी एफआईआर
विभाग ने उन लोगों को भी सख्त चेतावनी दी है जो ऑनलाइन लाइन कटने के बाद तार जोड़कर चोरी से बिजली जलाने की कोशिश करते हैं। स्मार्ट मीटर की तकनीक ऐसी है कि अगर कोई उपभोक्ता मीटर के साथ छेड़छाड़ या सीधा जुड़ाव करता है, तो इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को मिल जाती है। ऐसी स्थिति में विद्युत अधिनियम की धाराओं के तहत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। विभाग की टीम अब मैनुअल चेकिंग के बजाय ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर ज्यादा भरोसा कर रही है।
असुविधा से बचने के लिए समय पर बिल भरने की अपील
बिजली विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपने बिलों का भुगतान करें। ऑनलाइन सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें मानवीय दखल कम होने से अब गलती की गुंजाइश भी घट गई है। विभाग ने कहा है कि समय पर भुगतान करने से उपभोक्ताओं को बिजली कटने और दोबारा जुड़वाने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। यह हाईटेक अभियान जिले के अन्य इलाकों में भी आने वाले दिनों में और तेजी से चलाया जाएगा।



