
भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई में चल रही बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। कथा के तीसरे दिन कार्यक्रम में शामिल होने आई एक युवती ने अपनी कलाई की नस काटकर जान देने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि युवती काफी समय से पंडित धीरेंद्र शास्त्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन जब उसे सफलता नहीं मिली, तो उसने आवेश में आकर यह आत्मघाती कदम उठा लिया। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने जैसे ही खून बहता देखा, वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाई और युवती को काबू में कर पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस को नहीं लगी भनक: धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से भक्तों को दी कड़ी हिदायत
इस संवेदनशील मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी स्थानीय पुलिस को दो दिनों तक इसकी खबर नहीं लगी। मामले के तूल पकड़ने के बाद पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने खुद मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कोई भी भक्त इस तरह का गलत कदम न उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां अपनी निजी पूजा कराने या चमत्कार दिखाने नहीं, बल्कि हनुमान जी की कथा सुनाने आए हैं। शास्त्री ने कहा कि जीवन भगवान की देन है और भावनाओं में बहकर इसे नुकसान पहुंचाना महापाप है। उन्होंने भक्तों को आश्वस्त किया कि सामूहिक अर्जी के माध्यम से सभी की बात हनुमान जी तक पहुंच जाएगी, इसलिए किसी को भी निजी तौर पर मिलने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।
सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी बढ़ी: संयम और धैर्य रखने की अपील
इस घटना के बाद कथा स्थल और उसके आसपास सुरक्षा के इंतजाम और कड़े कर दिए गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों से अपील की है कि वे संयम और धैर्य का परिचय दें। उन्होंने मंच से कहा कि भक्ति का अर्थ जान जोखिम में डालना नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान धैर्य के साथ ढूंढना है। आयोजन समिति और पुलिस अब इस बात की निगरानी कर रही है कि दोबारा ऐसी कोई घटना न हो। श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया गया है कि वे पंडाल में शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। इस घटना ने आयोजन स्थल पर मौजूद लाखों लोगों को भावुक कर दिया और अब हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है।



