VIDEO: भूपेश बोले- अमित बघेल को सरकार दे रही बढ़ावा: पलटवार में BJP नेता अजय चंद्राकर ने कहा- छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीयता का जहर बघेल ने बोया

छत्तीसगढ़ जोहार पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल द्वारा महापुरुषों के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी के मामले में राज्य की सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमित बघेल की अब तक गिरफ्तारी न होने पर सीधे राज्य सरकार पर बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था ठीक से संचालित नहीं हो रही है, जिसके चलते यह स्थिति बनी है, और सरकार या मंत्रियों की ओर से अब तक कार्रवाई को लेकर कोई बयान नहीं आया है। भूपेश के इस बयान के बाद फायरब्रांड नेता कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने इनका पलटवार करते हुए भूपेश बघेल पर निशाना साधा है जिससे छत्तीसगढ़ में सियासी भूचाल आ गया।

भूपेश का आरोप: सरकार जानबूझकर मौन है

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी धर्म या समाज के महापुरुष के खिलाफ टिप्पणी करना पूरे छत्तीसगढ़ का अपमान है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सरकार कार्रवाई नहीं कर पाई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री का इस मामले में बयान न आना यह दर्शाता है कि सरकार जातियों और समाजों में विभाजन पैदा करना चाहती है, इसलिए वह मौन है।

अजय चंद्राकर का पलटवार: भूपेश ने बोया क्षेत्रीयता का जहर

भूपेश बघेल के आरोपों पर भाजपा के पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल की मांग पर उन्हें हँसी आती है। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल, एक राष्ट्रीय पार्टी के पदाधिकारी होते हुए भी, छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीयता का जहर बोने वाले जनक हैं और यह उनका पॉलिटिकल एजेंडा रहा है। उन्होंने कहा कि बघेल इसी पैटर्न की राजनीति पर आज भी काम कर रहे हैं।

चंद्राकर का दावा: अमित बघेल भगोड़ा घोषित, कार्रवाई जारी

अजय चंद्राकर ने भूपेश बघेल के इस आरोप को खारिज किया कि भाजपा सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल को अखबार पढ़ना चाहिए, क्योंकि अमित बघेल को पुलिस ने भगोड़ा घोषित कर दिया है और पुलिस उन पर कार्रवाई करने जा रही है। चंद्राकर ने दोहराया कि क्षेत्रीयता और जातिवाद को मुद्दा बनाना हमेशा से भूपेश बघेल की राजनीति का हिस्सा रहा है।

अमित बघेल ने महापुरुषों पर की थी विवादित टिप्पणी

यह पूरा विवाद अमित बघेल द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज जैसे महापुरुषों के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी से शुरू हुआ था। उनकी टिप्पणी के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज सहित कई सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था और उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

महापुरुषों पर आपत्तिजनक टिप्पणी से विवाद में अमित बघेल

छत्तीसगढ़ जोहार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल 7 अक्टूबर 2025 को की गई अपनी विवादित टिप्पणियों के कारण विवादों के केंद्र में हैं। बघेल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज जैसे महापुरुषों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही थीं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा था कि “कौन है अग्रसेन महाराज? चोर है या झूठा है।” इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तानी सिंधी समाज के लोगों को निशाना बनाते हुए कहा था कि वे “मछली वाले भगवान” के बारे में क्या जानते हैं, और उन पर “छत्तीसगढ़ी महतारी के गर्दन को काटकर अपमान” करने का आरोप लगाया था।

विवादित बयान के बाद भड़के अग्रवाल और सिंधी समाज

अमित बघेल की इन आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद देशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज में भारी गुस्सा भड़क उठा। समाजों के लोगों ने उनके बयानों के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए विरोध प्रदर्शन किए। छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के सलाहकार अनूप मसंद ने बताया कि सिंधी समाज बघेल के बयानों से बहुत नाराज है। दोनों समाजों ने रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत देश के कई जिलों में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें सिटी कोतवाली थाने में भी शिकायत दर्ज है।

VIP चौक पर मूर्ति तोड़फोड़ से जुड़ा है मामला

अमित बघेल का यह विवादित बयान 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के वीआईपी चौक पर हुई छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ की घटना से जुड़ा है। मूर्ति तोड़े जाने के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुँची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली थी। इस घटना के बाद ही अमित बघेल ने विवादित टिप्पणी की थी।

मूर्ति तोड़ने वाला आरोपी गिरफ्तार, मानसिक रूप से बीमार

वीआईपी चौक पर मूर्ति तोड़ने की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार सुबह आरोपी को राम मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया था। रायपुर पुलिस के मुताबिक, आरोपी मनोज सतनामी सारंगढ़ के पुसौर का रहने वाला है, जिसने नशे में मूर्ति तोड़ने की बात स्वीकार की है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है और वह पहले भी गांव में मारपीट की घटना को अंजाम दे चुका है।

अमित बघेल पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित

अपने विवादित बयानों के बाद से फरार चल रहे छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल की गिरफ्तारी के लिए रायपुर पुलिस ने 5,000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस लगातार कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन बघेल गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिचितों के घरों में छिप रहे हैं। पुलिस ने दावा किया है कि अमित बघेल को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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