CG Legislative Assembly: विधानसभा बजट सत्र: अवकाश के बाद कल से फिर गरमाएगा सदन, अफीम कांड पर स्थगन ला सकता है विपक्ष

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र संक्षिप्त अवकाश के बाद सोमवार से पुनः प्रारंभ होने जा रहा है। सत्र के आगामी चरण में सदन की कार्यवाही काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। प्रश्नकाल के दौरान खाद्य, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े प्रश्न सूचीबद्ध किए गए हैं। सत्ता पक्ष जहाँ अपने बजट प्रस्तावों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों और हालिया विवादों पर घेरने के लिए कमर कस ली है।

अफीम कांड पर ‘काम रोको प्रस्ताव’ लाने की तैयारी

दुर्ग जिले के समोदा गांव में सामने आए अफीम की अवैध खेती के मामले ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्दे पर सदन में स्थगन (काम रोको) प्रस्ताव ला सकती है। चूंकि इस मामले में मुख्य आरोपी भाजपा का एक पदाधिकारी है, इसलिए विपक्ष इसे ‘सत्ता के संरक्षण में नशा कारोबार’ के रूप में पेश करने की कोशिश करेगा। विपक्षी दल इस संवेदनशील मुद्दे पर सदन की सामान्य कार्यवाही रोककर विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ सकता है।

भूपेश बघेल के नेतृत्व में मोर्चा खोलेगी कांग्रेस

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मामले को लेकर पहले ही आक्रामक रुख अपना चुके हैं। हाल ही में उन्होंने दुर्ग के कांग्रेस नेताओं के साथ आरोपी भाजपा नेता के खेत का दौरा किया था और वहां विरोध-प्रदर्शन भी किया था। बघेल ने मीडिया के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि अफीम की खेती जैसे गंभीर अपराध और इसमें सत्ता पक्ष से जुड़े व्यक्ति की संलिप्तता को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। इससे यह साफ है कि सोमवार को सदन की शुरुआत ही तीखी नोकझोंक के साथ हो सकती है।

धान खरीदी और विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा

अफीम कांड के अलावा, धान खरीदी से जुड़े किसानों के मुद्दे भी सदन में गूंजेंगे। सत्र के इस सप्ताह में विभिन्न मंत्रियों के विभागों की अनुदान मांगों पर विभागवार चर्चा होनी है। समय की कमी को देखते हुए प्रत्येक दिन दो से तीन विभागों के बजट पर चर्चा और उन्हें पारित करने का लक्ष्य रखा गया है। विपक्ष ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई सवाल तैयार किए हैं, जिनका जवाब मंत्रियों को सदन के पटल पर देना होगा।

धर्मांतरण रोधी विधेयक समेत महत्वपूर्ण विधायी कार्य

विधायी कार्यों की दृष्टि से यह सप्ताह अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। सरकार इस सत्र में बहुप्रतीक्षित धर्मांतरण रोधी विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिस पर सदन में तीखी बहस होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, सरकार अपने तीसरे बजट के खर्चों को वैधानिक स्वरूप देने के लिए ‘विनियोग विधेयक’ भी सदन में लाएगी। इन विधेयकों का पारित होना सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना के लिए अनिवार्य है।

20 मार्च तक की कार्ययोजना और विनियोग विधेयक

सत्र की निर्धारित समय-सीमा के अनुसार, 19 मार्च को विनियोग विधेयक पर चर्चा और इसे पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके अगले दिन यानी 20 मार्च को धर्मांतरण रोधी विधेयक समेत तीन से अधिक अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया जाना है। 23 फरवरी से शुरू हुए इस सत्र में सरकार ने दूसरे ही दिन बजट पेश कर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी थीं, लेकिन अब विपक्ष के हमलों के बीच इन विधायी कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न कराना सत्ता पक्ष के लिए बड़ी चुनौती होगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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