
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के तमनार हिंसा मामले में रायगढ़ पुलिस ने सोमवार को बेहद सख्त और कड़ा रुख अख्तियार किया। महिला थाना प्रभारी और महिला आरक्षक के साथ बदसलूकी करने वाले मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को पुलिस ने धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आरोपी को सबक सिखाने के लिए शहर के बीचों-बीच उसका जुलूस निकाला। आरोपी के चेहरे पर कालिख पोती गई और उसे जूते-चप्पलों की माला पहनाकर हेमू कालानी चौक से पैदल चलाया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने पटाखे फोड़कर अपना विरोध जताया और यह संदेश देने की कोशिश की कि वर्दी का अपमान करने वालों का अंजाम यही होगा।
खदान जनसुनवाई से भड़की थी हिंसा: लिब्रा चौक पर नाकेबंदी हटाने पहुंची पुलिस पर हुआ था जानलेवा हमला
पूरे विवाद की जड़ गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान से जुड़ी है। 8 दिसंबर को खदान को लेकर आयोजित जनसुनवाई के विरोध में 14 गांवों के ग्रामीण लामबंद हो गए थे। 12 दिसंबर से प्रभावित लोगों ने लिब्रा स्थित सीएचपी चौक पर आर्थिक नाकेबंदी कर दी थी, जिससे सड़क यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। जब 27 दिसंबर को पुलिस और प्रशासन की टीम रास्ता खुलवाने पहुंची, तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। भीड़ ने पुलिस बल पर पत्थरबाजी और हमला कर दिया, जिसमें कई जवान जख्मी हुए। इसी दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और कपड़े फाड़ने जैसी शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

मुख्य आरोपी समेत 6 अब तक सलाखों के पीछे: तमनार पुलिस ने दर्ज की हैं गंभीर धाराएं, धरपकड़ जारी
इस हिंसक घटना के बाद पुलिस ने तमनार थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर अब तक मुख्य आरोपी चित्रसेन साव सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अन्य आरोपियों में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और वनमाली राठिया शामिल हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि हिंसा में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
वर्दी की गरिमा पर उठा था सवाल: आरोपी से लगवाए गए ‘वर्दी फाड़ना पाप है’ के नारे
जुलूस के दौरान पुलिस का आक्रोश साफ दिखाई दिया। आरोपी को सड़क पर पैदल घुमाते हुए उससे “वर्दी फाड़ना पाप है” के नारे भी लगवाए गए। रायगढ़ पुलिस के इस कदम को वर्दी के सम्मान को ठेस पहुंचाने वालों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के साथ की गई बदसलूकी ने पूरे महकमे के मनोबल पर चोट की थी, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त और सार्वजनिक कार्रवाई जरूरी थी ताकि भविष्य में कोई कानून हाथ में लेने की हिम्मत न करे।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात: कोयला खदान क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति, प्रशासन की पैनी नजर
तमनार और आसपास के कोयला खदान क्षेत्रों में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती कर दी है। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं, वहीं खदान से जुड़े मसले पर भी बीच का रास्ता निकालने की कोशिश जारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या फिर से शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर रासुका (NSA) जैसी कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
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