VIDEO: सरकारी जिला अस्पताल में शर्मनाक हरकत: डिलीवरी के नाम पर नर्सों ने मांगे पैसे, वीडियो वायरल होने पर गिरी निलंबन की गाज

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रसव (डिलीवरी) कराने आईं महिलाओं के परिजनों से नर्सों द्वारा पैसे वसूलने का खेल चल रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित परिवार ने नर्सों की इस डिमांड का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।

मोबाइल कैमरे में कैद हुआ नर्सों का वसूली खेल

जिला अस्पताल में तैनात दो नर्सों पर आरोप है कि उन्होंने सुरक्षित डिलीवरी कराने और फॉर्म जमा करने के नाम पर परिजनों से रुपयों की मांग की। अस्पताल में इलाज मुफ्त होने के बावजूद स्टाफ द्वारा पैसों का दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों ने चतुराई दिखाते हुए इस पूरी बातचीत और लेनदेन की प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर फैला, अस्पताल प्रबंधन की साख पर सवाल उठने लगे।

सिविल सर्जन की रिपोर्ट पर दो स्टाफ नर्स सस्पेंड

वीडियो के आधार पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद संभागीय संयुक्त संचालक (स्वास्थ्य सेवाएं) ने कड़ा फैसला लिया है। आदेश के मुताबिक, स्टाफ नर्स लक्ष्मी वर्मा और संजू चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने साफ किया है कि सरकारी सेवाओं के बदले अवैध वसूली किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि दोनों नर्सों का यह व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के खिलाफ है। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि वे अस्पताल के नाम पर वसूली कर रही थीं। निलंबन की अवधि के दौरान दोनों नर्सों का मुख्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय, बिलासपुर तय किया गया है। विभाग अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि पता चल सके कि इसमें और कौन शामिल है।

अस्पताल प्रबंधन की चेतावनी: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने कहा है कि मरीजों और उनके परिजनों से किसी भी तरह का अनैतिक लेनदेन अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। अस्पताल में आने वाले लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई भी कर्मचारी इलाज या सुविधाओं के बदले पैसों की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत प्रबंधन से करें। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और भी कड़ी की जाएगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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