
रायपुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 के शहरी हिस्से में पैच रिपेयरिंग का काम इतनी खराब गुणवत्ता का था कि रातों-रात बनी सड़क की परतें सुबह होते ही उखड़ गईं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने त्वरित कार्रवाई की है। विभाग ने कार्य में लापरवाही बरतने और प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग अंबिकापुर के उप अभियंता (Sub-Engineer) नवीन सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन के इस कड़े रुख से निर्माण कार्यों में जुटे अन्य अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
जांच रिपोर्ट और तस्वीरों ने खोली पोल
राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल बिलासपुर के अधीक्षण अभियंता ने इस खराब निर्माण कार्य का खुद संज्ञान लिया था। जांच के दौरान मौके से जो तस्वीरें और प्रतिवेदन सामने आए, वे सड़क की बदहाली को साफ बयान कर रहे थे। निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। इस रिपोर्ट को मुख्य अभियंता ने प्रमुख अभियंता कार्यालय को भेजा और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा। उच्च अधिकारियों ने पाया कि मॉनिटरिंग के अभाव में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ और जनता के लिए बनाई गई सड़क कुछ घंटों के भीतर ही चलने लायक नहीं बची।
निलंबन के साथ मुख्यालय में बदलाव
लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार उप अभियंता नवीन सिन्हा को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अब अधीक्षण अभियंता कार्यालय, बिलासपुर तय किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक वे बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे। हालांकि, नियम के मुताबिक उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। सरकार ने यह संकेत दे दिया है कि बुनियादी ढांचे के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है और लापरवाही बरतने वाले तकनीकी अधिकारियों पर आगे भी ऐसी गाज गिर सकती है।
घटिया निर्माण से जनता में आक्रोश
अंबिकापुर शहर के बीचो-बीच हुए इस खराब काम से स्थानीय नागरिकों में भारी रोष देखने को मिल रहा था। लोगों का कहना था कि सरकारी पैसे की बर्बादी कर केवल कागजों में सड़क चमकाई गई थी। सोशल मीडिया पर भी उखड़ी हुई सड़क की तस्वीरें वायरल होने के बाद विभाग की काफी किरकिरी हुई थी। सरकार ने इस निलंबन के जरिए जनता को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल विभाग अब इस सड़क को दोबारा सही ढंग से बनवाने की तैयारी कर रहा है ताकि लोगों को आवाजाही में परेशानी न हो।



