रक्षाबंधन पर भी जारी रही मितानिनों की हड़ताल, इन मागों को लेकर कर रहे प्रदर्शन

रायपुर। Mitanin Strike Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य मितानिनों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर भी मितानिनें अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर डटी रहीं। रायपुर संभाग की मितानिनें जहां 7 अगस्त से प्रदर्शन कर रही हैं, वहीं 9 अगस्त को बिलासपुर संभाग की मितानिनों ने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया।

ये हैं मितानिनों की प्रमुख मांगे

Health Workers Protest CG: स्वास्थ्य मितानिन संघ की ओर से तीन मुख्य मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ यह आंदोलन किया जा रहा है:

  1. कार्यरत मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक और हेल्प डेस्क फेसिलिटेटर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में संविलियन किया जाए।
  2. मौजूदा मानदेय में 50 फीसदी की वृद्धि की जाए।
  3. मितानिन, प्रशिक्षक, फेसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का कार्य NGO और ठेका व्यवस्था के माध्यम से न करवाया जाए, बल्कि यह प्रणाली बंद की जाए।

संभागवार आंदोलन की रणनीति

Raipur Mitanin Strike News: मितानिन संघ ने पूरे प्रदेश में संभागवार तरीके से हड़ताल की योजना बनाई है।

  • 7 अगस्त: रायपुर संभाग
  • 8 अगस्त: दुर्ग संभाग
  • 9 अगस्त: बिलासपुर संभाग
  • 10 अगस्त: सरगुजा संभाग
  • 11 अगस्त: बस्तर संभाग

संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो वे कामबंद और कलमबंद आंदोलन शुरू करेंगी।

मितानिनें क्यों हैं महत्वपूर्ण?

CG Health Worker Strike 2025: छत्तीसगढ़ में करीब 72 हजार मितानिनें कार्यरत हैं, जो गांवों से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। ये महिलाएं ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक चिकित्सा, महिला और बच्चों की देखभाल, टीकाकरण जैसे जरूरी स्वास्थ्य कार्यों में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में इनकी नाराजगी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा असर डाल सकती है।

Mitanin Hadtal Raipur: संघ का कहना है कि बार-बार सरकार से संवाद के बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, इसलिए मजबूरी में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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