
सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर इलाके में स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को शिक्षिका ने इतनी सख्त सजा दी कि अब बच्ची ठीक से चल भी नहीं पा रही है। उसके पैरों की मांसपेशियों में अंदरूनी चोट आई है और इलाज के लिए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
खिड़की से झांकने पर दी गई सजा, 100 बार कराया उठक-बैठक
DAV Public School: आरोप है कि स्कूल की शिक्षिका नम्रता गुप्ता ने छात्रा को क्लास से बाहर झांकते हुए देख लिया। इसके बाद गुस्से में आकर उन्होंने बच्ची को 100 बार उठक-बैठक करने की सजा दी। लगातार उठक-बैठक करने से छात्रा के पैरों में सूजन आ गई और वह दर्द से कराहने लगी।
घर पहुंचने पर जब बच्ची ने पूरी घटना बताई तो परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच में बताया कि बच्ची की मांसपेशियों में गंभीर अंदरूनी चोट है, जिसे ठीक होने में वक्त लगेगा।

परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
Surguja News: बच्ची के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी इस घटना के बाद पैरों पर खड़ी तक नहीं हो पा रही है। उन्होंने शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों ने बताया कि पहले जब उन्होंने थाने में शिकायत करनी चाही तो पुलिस ने बच्ची को भी साथ लाने को कहा। उस समय वह अस्पताल में भर्ती थी। बाद में परिजन उसे थाने लेकर पहुंचे और मामला दर्ज कराया।



