
कोरबा Korba News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गेवरा बस्ती, विश्रामपुर निवासी हरीओम वैष्णव (27 वर्ष) को मृत मानकर घर में अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। दरअसल, डंगनिया नदी से एक युवक का शव बरामद हुआ था। शव पर ‘आर’ अक्षर का टैटू देखकर परिजनों ने उसे हरीओम समझ लिया और पुलिस ने पंचनामा के बाद शव उन्हें सौंप दिया।
गुमशुदगी के बाद परिजनों ने किया दावा
हरीओम कुछ दिन पहले अपने ससुराल दर्री गया था, लेकिन वहां से लौटकर घर नहीं आया। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की तलाश के दौरान नदी से मिले शव को परिजनों ने हरीओम मान लिया। शव के खराब हालात के कारण पहचान मुश्किल थी, लेकिन कद-काठी और कपड़ों के आधार पर परिवार ने उसकी पुष्टि कर दी।

मातम से खुशी में बदला माहौल
मंगलवार को घर में अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। तभी रात करीब 11 बजे अचानक हरीओम जिंदा घर लौट आया। उसे देखकर परिवार और मोहल्ले के लोग पहले घबरा गए और ‘भूत-भूत’ चिल्लाते हुए भागने लगे। कुछ देर बाद जब सच्चाई सामने आई तो मातम का माहौल खुशी में बदल गया।
असल में किसका शव?
पुलिस ने पुष्टि की है कि नदी से मिला शव हरीओम का नहीं था। फिलहाल उसे बांकीमोंगरा अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखा गया है। दर्री सीएसपी विमल कुमार पाठक ने बताया कि अब पुलिस अज्ञात शव की शिनाख्त में जुटी है।

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