
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा और बालोद जिले में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बालोद जिला कोर्ट को बम से उड़ाने का धमकी भरा ई-मेल मिला। इस संदेश के बाद अदालती कामकाज ठप हो गया और पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही जिला और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में कोर्ट कैंपस को खाली कराया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। फिलहाल बम स्क्वायड की टीम चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
सुबह 11 बजे आया खौफनाक मैसेज, थम गई कोर्ट की कार्यवाही
घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे की है, जब अदालत में रोजाना की तरह सुनवाई की प्रक्रिया शुरू ही हुई थी। इसी दौरान जिला कोर्ट के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की बात लिखी थी। कोर्ट के कर्मचारियों ने जैसे ही यह मेल देखा, उनके होश उड़ गए। तुरंत इसकी जानकारी जज और पुलिस विभाग को दी गई। देखते ही देखते कोर्ट रूम से लेकर वकीलों के चैंबर तक यह खबर फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागने लगे।
बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड ने संभाला मोर्चा, इलाके की नाकाबंदी
धमकी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया है। करीब 12 बजे बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) मौके पर पहुंचा और मेटल डिटेक्टर व आधुनिक उपकरणों के जरिए जांच शुरू की। कोर्ट रूम, गैलरी, पार्किंग और आसपास के झाड़ियों वाले इलाकों की सघन तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पुलिस की एक विशेष टीम तहसील कार्यालय और पास के सरकारी दफ्तरों पर भी नजर रख रही है।
छत्तीसगढ़ में बढ़ रहा ई-मेल थ्रेट का चलन, हाई कोर्ट को भी मिल चुकी है धमकी
छत्तीसगढ़ के अदालती परिसरों को निशाना बनाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले बीते 24 फरवरी को बिलासपुर हाई कोर्ट और बलौदाबाजार जिला कोर्ट को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिले थे। बार-बार अदालतों को निशाना बनाने की इन घटनाओं से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन सभी धमकियों के पीछे किसी एक ही गिरोह का हाथ है या यह किसी की शरारत है। साइबर सेल की टीम ई-मेल के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी है ताकि भेजने वाले तक पहुंचा जा सके।
भीड़भाड़ वाला इलाका होने से बढ़ी चुनौती, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
बालोद जिला कोर्ट का परिसर काफी व्यस्त रहता है क्योंकि इसके आसपास तहसील दफ्तर, कचहरी और कई दुकानें मौजूद हैं। बड़ी संख्या में पक्षकार और वकील हर रोज यहां पहुंचते हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। एसपी और कलेक्टर खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि जब तक पूरा परिसर सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके।
साइबर सेल की रडार पर ई-मेल भेजने वाला, सख्त कार्रवाई की तैयारी
धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले की तलाश के लिए साइबर सेल की एक स्पेशल टीम गठित की गई है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ई-मेल कहां से और किस डिवाइस से भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की झूठी अफवाह फैलाकर दहशत पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट के वकीलों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए मांग की है कि अदालती परिसरों में स्थायी सुरक्षा जांच चौकियां और पुख्ता इंतजाम किए जाएं।



