
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मची अंदरूनी खींचतान अब सूरजपुर जिले में बड़े इस्तीफे के रूप में बाहर आ गई है। यहां संगठन के भीतर असंतोष इतना बढ़ गया कि संयुक्त महामंत्री, महामंत्री और सचिव समेत 17 पदाधिकारियों ने अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इन सभी कार्यकर्ताओं ने अपना त्यागपत्र सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटनाक्रम ने जिला स्तर पर कांग्रेस की मजबूती और एकता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
अध्यक्ष की नियुक्ति पर नाराजगी: वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी का आरोप
इस्तीफा देने वाले सभी कार्यकर्ता पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के करीबी माने जाते हैं। विवाद की मुख्य वजह हाल ही में शशि सिंह को सूरजपुर जिला अध्यक्ष की कमान सौंपना है। समर्थकों का दावा है कि नई कार्यकारिणी घोषित करते समय वरिष्ठ नेताओं से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया। साथ ही आरोप लगाया गया है कि जिला अध्यक्ष और संगठन के स्तर पर जानबूझकर टीएस सिंहदेव के समर्थकों को हाशिए पर धकेला जा रहा है और पदों के वितरण में भेदभाव हुआ है।
इस्तीफे की लिस्ट में दिग्गज नाम: 30 तक पहुँच सकता है आंकड़ा
इस्तीफा देने वालों में पूर्व सांसद खेल साय सिंह की बहू का नाम शामिल होने से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, नाराज पदाधिकारियों की संख्या केवल 17 तक सीमित नहीं है, बल्कि अब तक 30 से ज्यादा नेता अपना पद छोड़ने की तैयारी कर चुके हैं। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर सभी नामों की पुष्टि होना बाकी है, लेकिन एक साथ इतने पदाधिकारियों का हटना आगामी चुनावों से पहले पार्टी के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है।
पार्टी की साख पर संकट: क्या डैमेज कंट्रोल कर पाएगा नेतृत्व?
सूरजपुर की इस घटना ने प्रदेश स्तर पर कांग्रेस की गुटबाजी को एक बार फिर हवा दे दी है। एक तरफ जहां पार्टी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है, वहीं घर के भीतर की यह कलह संगठन को कमजोर कर रही है। अब सबकी नजरें प्रदेश नेतृत्व पर टिकी हैं कि क्या वे नाराज समर्थकों को मनाकर इस ‘इस्तीफा कांड’ को रोक पाते हैं या फिर जिले में कांग्रेस दो धड़ों में बंट जाएगी।



