सरेंडर नक्सलियों की अनोखी शादी, नारायणपुर में मुख्यमंत्री की ‘बस यात्रा’: VIP प्रोटोकॉल तोड़कर आम जनता के बीच पहुंचेंगे सीएम साय

नारायणपुर जिला आज एक नई इबारत लिखने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने दो दिवसीय प्रवास पर ‘अबूझ पहेली’ कहे जाने वाले इस क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन ने उनके स्वागत के लिए खास तैयारियां की हैं, जहां हाई स्कूल मैदान के मुख्य गेट को स्थानीय संस्कृति के प्रतीक ‘गौर मुकुट’ की थीम पर सजाया गया है। इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण मुख्यमंत्री का VIP प्रोटोकॉल छोड़ना होगा। वे आज लग्जरी गाड़ियों का काफिला छोड़कर आम जनता के साथ बस में सफर करेंगे।

बस में सवारी और कुरुसनार की चौपाल

मुख्यमंत्री साय आज मंत्रियों और आला अधिकारियों के साथ साधारण बस में सवार होकर ग्राम कुरुसनार के लिए रवाना होंगे। इस पहल के पीछे सरकार का मकसद बंद गाड़ियों के शीशों से नहीं, बल्कि धूल और पसीने के बीच जनता की जमीनी हकीकत को समझना है। कुरुसनार पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री वहां के प्राइमरी स्कूल में बच्चों की क्लास लेंगे और उनसे संवाद करेंगे। इसके बाद वे ग्रामीणों के बीच बैठकर चौपाल लगाएंगे ताकि प्रशासन और जनता के बीच की दूरियां कम हो सकें।

347 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

नारायणपुर के विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री आज 347.16 करोड़ रुपये की लागत वाले 358 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इस भारी-भरकम बजट का बड़ा हिस्सा अंदरूनी इलाकों में सड़कों और पुलों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अबूझमाड़ के सुदूर गांव मुख्यधारा से जुड़ सकें। इस दौरान ‘बस्तर पंडुम’ के जरिए बस्तर की गौरवशाली संस्कृति और कला का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

आत्मसमर्पित नक्सलियों का घर बसाएंगे मुख्यमंत्री

आज के कार्यक्रम का सबसे भावुक और सामाजिक संदेश देने वाला हिस्सा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का होगा। मुख्यमंत्री आज चार ऐसे जोड़ों की शादी में शामिल होकर उन्हें आशीर्वाद देंगे, जिन्होंने बंदूक छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों के सामूहिक विवाह का यह आयोजन समाज में शांति और बदलाव का बड़ा प्रतीक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं नवविवाहितों को उपहार और शुभ आशीष प्रदान करेंगे।

पद्मश्री के साथ भोजन और बच्चों के स्टंट

मनोरंजन और संस्कृति के संगम के बीच इंडिया गॉट टैलेंट के विजेता अबूझमाड़ मलखंब एकेडमी के बच्चे अपने रोमांचित करने वाले स्टंट दिखाएंगे। इसके बाद पद्मश्री पंडी राम मंडावी द्वारा निर्मित पारंपरिक ‘घोटुल’ में उनके साथ बैठकर मुख्यमंत्री भोजन करेंगे। बस्तर के आदिवासी समाज की पहचान घोटुल में मुख्यमंत्री का शामिल होना क्षेत्र के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है। वे रात नारायणपुर में ही रुकेंगे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और पीस मैराथन

नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती की गई है और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री कल सुबह शहर में आयोजित ‘पीस मैराथन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जो शांति और भाईचारे का संदेश देगी। अगले 24 घंटे नारायणपुर के लिए न केवल प्रशासनिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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