VIDEO: कोयला खदान विस्तार पर बिफरे ग्रामीण, पुलिसकर्मियों और लाठी-डंडे, गुलेल, कुल्हाड़ी से पुलिस कर्मियों पर किया हमला, देखे वीडियो

अंबिकापुर: सरगुजा के लखनपुर थाना क्षेत्र स्थित अमेरा कोयला खदान विस्तार को लेकर पुलिस और उग्र ग्रामीणों के बीच गंभीर झड़प की खबर है। खदान के विस्तार से नाराज ग्रामीणों ने लाठी, डंडे, गुलेल और कुल्हाड़ी से पुलिस बल पर अचानक हमला कर दिया। यह हमला इतना उग्र था कि इसमें करीबन 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। जवाबी कार्रवाई में कुछ ग्रामीण भी घायल हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है।

बगैर भूमि अधिग्रहण खदान विस्तार का विरोध

ग्रामीणों के आक्रोश का मुख्य कारण अमेरा खदान प्रबंधन द्वारा किया जा रहा खदान का विस्तार है। ग्राम परसोड़ी कला के ग्रामीण खदान विस्तार का जोरदार विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि अमेरा खदान प्रबंधन बगैर भूमि अधिग्रहण किए ही खदान का विस्तार कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण और खदान कर्मी पहले भी आमने-सामने आ चुके हैं।

हिंसक झड़प में 40 पुलिसकर्मी घायल, आँसू गैस का इस्तेमाल

Injuries and Police Action: उग्र ग्रामीणों के अचानक और हिंसक हमले से करीबन 40 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायल हुए पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए भेजा गया है। हालाँकि, पुलिस ने स्थिति को संभालने और उग्र ग्रामीणों को तितर-बितर करने के लिए जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों को भी चोट लगने की खबर है।

हालात बिगड़ने पर मौके पर पहुँचा अतिरिक्त पुलिस बल

हालात की नाजुकता और बिगड़ते माहौल की सूचना मिलने पर उच्च अधिकारियों ने तत्काल निर्णय लिया। झड़प और हिंसा के बाद स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में लाने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। पुलिस अब शांति व्यवस्था बहाल करने और हिंसा फैलाने वाले उग्र ग्रामीणों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

देखिये वीडियो-

कानूनी कार्रवाई की तैयारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

अवैध हमले और सरकारी कर्मचारियों को चोट पहुँचाने के इस गंभीर मामले में पुलिस अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। हिंसा में शामिल ग्रामीणों की पहचान की जा रही है, जिनके खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा डालने और हमला करने के आरोप में सख्त धाराएँ लगाई जा सकती हैं। खदान प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच चल रहे इस विवाद को समाधान करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बातचीत की पहल भी की जा सकती है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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