छत्तीसगढ़ में आज रात से वोटर लिस्ट फ्रीज, बिहार की तर्ज पर होगा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सर्वे

रायपुर: छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों में अब बिहार की तर्ज पर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) सर्वे किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि आज रात (27 अक्टूबर) से ही राज्य की वोटर लिस्ट फ्रीज हो जाएगी और 28 अक्टूबर से SIR सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। छत्तीसगढ़ में इस समय 2 करोड़ 80 लाख मतदाता हैं, जिनका अपडेशन इस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

SIR सर्वे क्या है और यह क्यों जरूरी है?

SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट करना है। यह आखिरी बार 21 साल पहले (2003-04) किया गया था।

  • उद्देश्य: मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इसका मकसद है कि कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।
  • अपडेशन कार्य: इस प्रक्रिया के तहत 18 साल से अधिक उम्र के नए वोटर्स को जोड़ा जाएगा, जिनकी मौत हो चुकी है या जो शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाएंगे, और मतदाता सूची में नाम, पते की गलतियों को ठीक किया जाएगा।

घर-घर जाएँगे BLO, होगी गहन जाँच

SIR प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) हर घर में तीन बार जाएँगे। यह प्रक्रिया टेबल टॉप एक्सरसाइज (पुरानी और वर्तमान लिस्ट का मिलान) के बाद शुरू हो रही है, जिसे राज्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश पर कलेक्टरों ने पहले ही पूरा करा लिया था।

  • जाँच और मिलान: BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएँगे और 2003-04 की लिस्ट से मिलान करेंगे।
  • दस्तावेज की मांग: शुरुआत में कोई दस्तावेज नहीं माँगे जाएँगे। लेकिन, जिनके नाम का मिलान नहीं होगा, उनसे नोटिस देकर दस्तावेज माँगे जाएँगे।

नए वोटर्स और दस्तावेज की कड़ी शर्तें

SIR के दौरान नए वोटर बनने या दूसरे राज्य से शिफ्ट होकर आए लोगों को कुछ कठोर शर्तों के तहत दस्तावेज जमा करने होंगे:

जन्म तिथि की शर्तआवश्यक दस्तावेज
1 जुलाई 1987 से पहले जन्मेखुद का जन्म प्रमाण पत्र
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मेखुद के साथ माता-पिता के जन्म या नागरिकता के दस्तावेज
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मेयह साबित करना होगा कि माता-पिता में कम-से-कम एक भारतीय नागरिक है और दूसरा गैर-कानूनी प्रवासी नहीं है (यानी पेरेंट्स के दस्तावेज अनिवार्य)

छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की वर्तमान स्थिति

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने 1 जनवरी 2025 की तिथि में छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की कुल संख्या 2 करोड़ 11 लाख 5 हजार 391 बताई थी (यह संख्या अक्सर अपडेट होती रहती है)।

वर्गमतदाताओं की संख्या
पुरुष मतदाता1 करोड़ 4 लाख 27 हजार 842
महिला मतदाता1 करोड़ 6 लाख 76 हजार 821
तृतीय जेंडर मतदाता728

राज्य में निर्वाचकों का लिंगानुपात 1024 है।

गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का शेड्यूल

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बिहार में यह सर्वे सफल रहा है, जिसके बाद इसे 12 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है। आयोग का पूरा ध्यान उन राज्यों पर है जहाँ मई 2026 तक चुनाव होने हैं। छत्तीसगढ़ में SIR कार्यक्रम इस प्रकार चलेगा:

चरणसमयावधि
प्रिंटिंग व ट्रेनिंग28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025
घर-घर गणना कार्यक्रम4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025
मतदाता सूची ड्राफ्ट प्रकाशन9 दिसंबर 2025
दावे और आपत्ति लेने का समय9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026
सुनवाई-वेरिफिकेशन9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन7 फरवरी 2026

सरकारी स्टाफ की लगाई गई ड्यूटी

इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारू ढंग से चलाने के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी बीएलओ के कार्य के लिए लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। आवश्यक तैयारियों के लिए कई जिलों में कर्मचारियों को पहले से ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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