
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर 23 जनवरी से एक बड़े प्रशासनिक बदलाव का गवाह बनने जा रही है। शहर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने की तारीख नजदीक आते ही महकमे में हलचल तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर की कुर्सी पर कौन बैठेगा। इस नई व्यवस्था के तहत पुलिस को कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए मजिस्ट्रेट जैसी शक्तियां मिल जाएंगी, जिससे राजधानी की पुलिसिंग का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।
कमिश्नर की दौड़ में ये सीनियर IPS अफसर
पुलिस कमिश्नर के पद के लिए कुछ अनुभवी आईपीएस अफसरों के नाम रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। इनमें बिलासपुर आईजी संजीव शुक्ला और दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग का नाम मजबूती से लिया जा रहा है। अधिकारियों के बीच चर्चा है कि इन दोनों का फील्ड अनुभव और प्रशासनिक पकड़ काफी बेहतर है। इनके अलावा बीएन मीणा और अजय यादव जैसे सीनियर अफसरों के नामों पर भी मंथन जारी है। सरकार ऐसे चेहरे की तलाश में है जो नई व्यवस्था को मजबूती से जमीन पर उतार सके।
जॉइंट कमिश्नर पद के लिए भी खींचतान
कमिश्नर के साथ-साथ जॉइंट पुलिस कमिश्नर के पद को लेकर भी कयासों का दौर जारी है। सूत्रों की मानें तो इस जिम्मेदारी के लिए विजय अग्रवाल और डॉ. लाल उमेद सिंह के नामों पर विचार हो रहा है। विजय अग्रवाल को अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए जाना जाता है, वहीं डॉ. लाल उमेद सिंह की पहचान एक अनुशासित और रणनीतिकार अफसर के तौर पर है। इन दोनों में से किसे मौका मिलता है, यह देखना दिलचस्प होगा क्योंकि जॉइंट कमिश्नर की भूमिका अपराध नियंत्रण में बेहद अहम होगी।
ज्यादा पावर और बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद
23 जनवरी से लागू होने वाली इस प्रणाली के लिए सरकारी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पुलिस कमिश्नर सिस्टम आने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज की अनुमति, धारा 144 लागू करने और लाइसेंस संबंधी फैसलों के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे आपातकालीन स्थितियों में त्वरित फैसले लेना आसान होगा। सरकार का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण और अपराधों की बदलती प्रकृति को देखते हुए रायपुर के लिए यह सिस्टम अब अनिवार्य हो चुका है।
फैसले पर टिकी जनता और सिस्टम की नजरें
रायपुर के लिए यह व्यवस्था एक ऐतिहासिक मोड़ है। शहर की जनता और पूरा पुलिस अमला अब सरकार के आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहा है। मुख्यमंत्री और गृह विभाग किस अफसर की काबिलियत पर भरोसा जताते हैं, यह तय करेगा कि रायपुर की नई सुरक्षा व्यवस्था का भविष्य कैसा होगा। फिलहाल मंत्रालय के गलियारों में नामों की छंटनी का काम चल रहा है और अगले 48 घंटों में पहले पुलिस कमिश्नर के नाम का ऐलान होने की पूरी संभावना है।



