
कुरुद विधानसभा के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प के साथ विधायक अजय चंद्राकर ने एक अपने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी है। उनके निरंतर प्रयासों और क्षेत्रीय जनता की मांग को प्राथमिकता देते हुए ‘छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण’ से 50 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए आवंटित की गई है। विधायक द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री और प्राधिकरण के अध्यक्ष ने मुहर लगा दी है, जिससे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और ग्रामीणों ने अपने जनप्रतिनिधि के प्रति आभार व्यक्त किया है।
बुनियादी ढांचे में होगा सुधार: सड़क और भवनों का बिछेगा जाल
स्वीकृत की गई 50 लाख रुपये की इस निधि से कुरूद और मगरलोड विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में कुल 9 महत्वपूर्ण कार्य संपन्न कराए जाएंगे। इन कार्यों का चयन सीधे तौर पर जनहित और सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है। योजना के तहत गांवों में पक्की सड़कों का निर्माण, सामुदायिक भवनों की स्थापना और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रंगमंच तैयार किए जाएंगे। इन बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से न केवल गांवों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि सामाजिक आयोजनों के लिए ग्रामीणों को बेहतर स्थान भी उपलब्ध हो सकेगा।

मंजूर किए गए कार्यों का विस्तृत ब्यौरा
प्राधिकरण द्वारा जिन कार्यों को मंजूरी दी गई है, वे ग्राम स्तर पर लंबे समय से प्रतीक्षित थे। चांदापारा (सेमरा बी) में 3.50 लाख से रंगमंच और मंदरौद, भेण्डरा व दर्रा जैसे गांवों में 6.50-6.50 लाख की लागत से सामुदायिक भवनों का निर्माण होगा। सड़कों की बात करें तो कचना में मुक्तिधाम तक और अन्य बस्तियों के लिए लगभग 10.40 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसी तरह जोरातराई (अ) में 7.80 लाख से सीसी रोड सड़क और अटंग में 3.60 लाख से कांक्रीटिकरण का कार्य होगा। मगरलोड विकासखंड के परसट्टी में भी 5.20 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड बनाई जाएगी।

प्रभावी नेतृत्व: क्षेत्रीय विकास और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता
अजय चंद्राकर की सजगता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने सीधे तौर पर उन छोटी लेकिन महत्वपूर्ण जरूरतों को चिह्नित किया, जो सीधे तौर पर आम आदमी के जीवन को प्रभावित करती हैं। जनहित को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने प्राधिकरण से इन कार्यों की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि जब कोई जनप्रतिनिधि केवल चुनाव तक सीमित न रहकर सालभर अपने क्षेत्र की समस्याओं के लिए संघर्ष करता है, तभी ऐसे सार्थक परिणाम सामने आते हैं। कुरूद विधानसभा में शुरू होने वाले ये निर्माण कार्य आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक समरसता को नई दिशा प्रदान करेंगे।
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