
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर के युवाओं के भविष्य को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे क्षेत्र से नक्सलवाद खत्म हो रहा है, सरकार का पूरा ध्यान अब वहां के युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर है। गृहमंत्री के मुताबिक, आने वाले समय में पुलिस और सुरक्षा बलों में 4100 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य बस्तर के युवाओं को गुमराह होने से बचाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करना और उनके लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है।
2500 बस्तर फाइटर्स की होगी सीधी नियुक्ति
रोजगार के इस बड़े अभियान में ‘बस्तर फाइटर्स’ की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। सरकार ने 2500 बस्तर फाइटर्स की भर्ती करने का फैसला लिया है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी की समस्या दूर होगी, बल्कि अपनी माटी और भाषा को समझने वाले युवा जब वर्दी पहनेंगे, तो सुरक्षा बलों के प्रति ग्रामीणों का भरोसा भी बढ़ेगा। स्थानीय युवाओं की भर्ती से नक्सल विरोधी अभियानों में सूचना तंत्र भी मजबूत होगा।
मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
गृहमंत्री विजय शर्मा ने राज्य को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए एक समय सीमा तय की है। उन्होंने दावा किया कि सरकार मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। पिछले कुछ समय में बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा बलों की पकड़ मजबूत हुई है और नक्सलियों का आधार तेजी से खिसक रहा है। गृहमंत्री ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर की पहचान हिंसा के बजाय केवल विकास और शांति से होगी।
गिरफ्तारी से ज्यादा अब हो रहे हैं आत्मसमर्पण
बस्तर में सुरक्षा बलों की सक्रियता का ही परिणाम है कि अब नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। गृहमंत्री ने प्रेस वार्ता में बताया कि पिछले डेढ़ साल में 2700 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। यह आंकड़ा गिरफ्तारी की संख्या से काफी अधिक है, जो इस बात का संकेत है कि अब लोग मुख्यधारा में लौटने के लिए तैयार हैं। सरकार की नई पुनर्वास नीति के कारण नक्सली अब हथियार छोड़कर सामान्य जीवन जीने की ओर बढ़ रहे हैं।
ऑपरेशन्स में 532 नक्सली ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद
गृहमंत्री ने विभाग की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए बताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। इस दौरान 532 नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया है और 2004 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। सबसे बड़ी सफलता हथियारों की बरामदगी में मिली है, जहां सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के पास से 1100 से ज्यादा आधुनिक हथियार, जिनमें AK-47 और इंसास जैसे हथियार शामिल हैं, जब्त किए हैं।
बस्तर की सुरक्षा और विकास का नया रोडमैप
सरकार अब केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बस्तर के हर गांव तक सड़क, बिजली और स्कूल पहुंचाने के रोडमैप पर काम कर रही है। गृहमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जैसे-जैसे लाल आतंक का प्रभाव कम हो रहा है, विकास की गति उतनी ही तेज होगी। आने वाले समय में पुलिस भर्ती के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर दिए जाएंगे, जिससे बस्तर की अगली पीढ़ी का जीवन पूरी तरह बदल जाएगा।



