छत्तीसगढ़ में अनोखा मामला: पहली बार महिला ने स्वीकारा अवैध संबंध, पति को सता रही थी पत्नी, महिला आयोग ने माना पुरुष भी हो रहा है प्रताड़ित

कोरबा, 2025: छत्तीसगढ़ के कोरबा में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। इस मामले में एक सरकारी महिला शिक्षिका ने खुलेआम अपनी व्यभिचार (एडल्ट्री) की बात स्वीकार की, जो अपने आप में बेहद दुर्लभ और अनोखा है। खास बात यह है कि इस मामले में महिला आयोग ने पति के पक्ष में फैसला सुनाया और माना कि महिला के कृत्यों से पति और उसका परिवार मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है।

महिला आयोग ने माना पुरुष भी हो रहा है प्रताड़ित

CG Mahila Aayog News: महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में महिला शिक्षिका के अवैध संबंधों ने पति और उसके परिवार को भारी कष्ट दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आजकल कई महिलाएं कानून का दुरुपयोग कर पुरुषों को परेशान कर रही हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

CG Adultery Case: जानकारी के अनुसार, महिला शिक्षिका की सास ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बहू का एक अन्य पुरुष के साथ अवैध संबंध है और उनसे तीसरा बच्चा भी हुआ है। महिला ने शुरू में DNA जांच कराने की सहमति दी थी, लेकिन बाद में मना कर दिया। सुनवाई में शिक्षिका ने यह स्वीकार किया कि जिस पुरुष के खिलाफ उसने पहले दुष्कर्म का आरोप लगाया था, और जिसे बाद में बरी कर दिया गया था, उसी से उसका तीसरा बच्चा है।

यहां भी दिलचस्प बात यह है कि महिला के पति और उस पुरुष का नाम लगभग समान है, जिससे महिला ने अपनी शक्की चालाकी दिखाई। महिला आयोग ने इस स्वीकारोक्ति के बाद शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया।

महिला शिक्षिका सरकारी नियमों के विरुद्ध

अध्यक्ष किरणमयी नायक ने कहा कि सरकारी नौकरी में रहते हुए कोई भी व्यक्ति शादीशुदा होते हुए अवैध संबंध रखता है तो यह सरकारी सेवा आचार संहिता के खिलाफ है और कानूनी कार्रवाई के योग्य है। आयोग ने महिला शिक्षिका को अपने ससुराल पक्ष के साथ सुलह करने का मौका भी दिया है।

सुलह न होने पर हो सकती है बर्खास्तगी

Husband Rights: यदि सुलह नहीं होती है, तो आयोग ने ससुराल पक्ष को शिक्षिका के खिलाफ बर्खास्तगी और तलाक के लिए भी आगे बढ़ने की सलाह दी है। फिलहाल, महिला अपने तीनों बच्चों के साथ पति के बनवाए घर में रह रही है। पति ने इस घर का नाम अपने नाम से बदलवाया था, लेकिन वह शिक्षिका के साथ रहने से इंकार कर रहा है और अपनी दोनों बेटियों को अपने साथ रखने की मांग कर रहा है।

महिला आयोग की जिला स्तरीय जनसुनवाई में 16 मामले

Women Misuse Law: यह जनसुनवाई कोरबा कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें कुल 16 मामलों की सुनवाई हुई। छह मामलों को नस्तीबद्ध कर दिया गया क्योंकि इनमें पक्षकार अनुपस्थित थे या एकतरफा शिकायतें थीं। इन मामलों को आगे रायपुर में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

अभिभावकों से खास अपील: बच्चों की शादी जबरदस्ती न करें

महिला आयोग अध्यक्ष किरणमयी नायक ने देशभर में हाल के समय में हुए नीला ड्रम और हनीमून कांड जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब यह साफ हो चुका है कि कहीं न कहीं पुरुष भी प्रताड़ित हो रहे हैं और कानून का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की शादी जबरदस्ती न करें। बच्चों से उनकी सहमति लेना जरूरी है, क्योंकि दबाव में की गई शादी से दोनों पक्षों के जीवन में समस्याएं बढ़ती हैं।

यह मामला न केवल सामाजिक बल्कि कानूनी तौर पर भी एक चेतावनी है कि विवाह और संबंधों में पारदर्शिता और ईमानदारी बेहद जरूरी है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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