
रायपुर: राजधानी में नाबालिग से जुड़े एक चौंकाने वाले मामले में नया मोड़ आ गया है। एक 28 वर्षीय महिला पर आरोप है कि उसने 17 साल के किशोर से दैहिक संबंध बनाए और बाद में शोषण का आरोप लगाते हुए उससे 50 लाख रुपये की मांग की। मामला राज्य महिला आयोग में पहुंचा, लेकिन नाबालिग के शामिल होने के कारण आयोग ने इसे बाल संरक्षण आयोग को भेजने का आदेश दिया।
नाबालिग होने के सबूत पेश किए गए
सुनवाई के दौरान पीड़ित किशोर के माता-पिता आयोग के सामने उपस्थित हुए और स्कूल रिकॉर्ड, जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की कॉपी सबूत के तौर पर जमा की। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अभी नाबालिग है और महिला उससे 11 साल बड़ी है। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि महिला के खिलाफ दो माह पहले ही बाल संरक्षण आयोग में शिकायत की गई थी।
महिला बोली- पता नहीं था लड़का नाबालिग
सुनवाई के दौरान जब महिला से पूछा गया तो उसने स्वीकार किया कि उसकी उम्र 28 साल है, लेकिन उसे यह जानकारी नहीं थी कि लड़का अभी 17 साल का है। बताया गया कि महिला फरवरी में पुरानी बस्ती थाने भी गई थी, तब उसे लड़के की नाबालिग उम्र का पता चला। इसके बावजूद वह 50 लाख रुपये की मांग कर रही थी।
महिला आयोग ने दी स्पष्ट टिप्पणी
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और सदस्य सरला कोसरिया तथा ओजस्वी मंडावी ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह प्रकरण नाबालिग से जुड़ा है। ऐसे मामलों का निराकरण महिला आयोग नहीं कर सकता। इसलिए पूरा मामला बाल संरक्षण आयोग को भेजा जा रहा है। आयोग ने इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए हैं।



