
रायपुर: ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल (89 वर्ष) की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्ल के पुत्र शाश्वत शुक्ल ने जानकारी दी कि दो दिसंबर को अचानक तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। इससे पहले अक्टूबर में सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सुधार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।
रचनाकार को हाल ही में मिला था ज्ञानपीठ पुरस्कार
विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य के उन रचनाकारों में से हैं, जिन्होंने अपनी अद्वितीय शैली से पाठकों पर गहरी छाप छोड़ी है। उनकी प्रमुख रचनाओं में “नौकर की कमीज”, “खिलेगा तो देखेंगे”, “दीवार में एक खिड़की रहती थी” और “एक चुप्पी जगह” जैसे उपन्यास शामिल हैं। उन्हें हाल ही में 59वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जो 21 नवंबर को रायपुर में उनके निवास पर आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया था।
चिकित्सकों की निगरानी में जारी है उपचार
बुजुर्ग साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल फिलहाल एम्स के चिकित्सकों की निगरानी में हैं और उनका उपचार जारी है। साहित्य प्रेमियों और उनके प्रशंसकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उनके स्वास्थ्य को लेकर अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।



