
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला इलाके में एक सिरफिरे युवक की हरकत ने सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डाल दी। यहां स्थित संगीता फ्यूल्स पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने पहुंचे एक युवक ने सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सिगरेट जलाने की कोशिश की। जब वहां तैनात पंप कर्मचारी ने उसे ऐसा करने से मना किया, तो वह आगबबूला हो गया। बहस के दौरान गुस्से में आकर आरोपी ने जलती हुई माचिस सीधे पेट्रोल निकालने वाले नोजल पाइप में लगा दी। देखते ही देखते लपटें उठने लगीं और वहां अफरा-तफरी मच गई।
धमाके की कगार पर था पेट्रोल पंप
नोजल में आग लगते ही लपटों ने पास खड़ी एक मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। बाइक की पेट्रोल टंकी में आग लगने से धमाके का खतरा पैदा हो गया था। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि पंप मशीन का बाहरी हिस्सा भी जलने लगा। वहां मौजूद अन्य ग्राहक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है, जिसमें साफ दिख रहा है कि कैसे एक छोटी सी बात पर युवक ने इतनी बड़ी खतरनाक वारदात को अंजाम दिया।
पंपकर्मी की जांबाजी से टला भीषण हादसा
इस भयानक स्थिति में पेट्रोल पंप कर्मचारी ने गजब का धैर्य और सूझबूझ दिखाई। कर्मचारी ने बिना वक्त गंवाए सबसे पहले पंप का मेन स्विच बंद किया ताकि पेट्रोल की सप्लाई रुक जाए। इसके तुरंत बाद उसने वहां रखे फायर फाइटिंग किट और अग्निशमन यंत्रों का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाना शुरू किया। कर्मचारी की फुर्ती की वजह से आग टैंक तक नहीं पहुंच पाई, वरना पूरा इलाका किसी बड़े विस्फोट की चपेट में आ सकता था। समय रहते आग बुझ जाने से एक बड़ी त्रासदी टल गई।
मौके से भाग रहे आरोपी दबोचे गए
आगजनी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी धर्मेंद्र क्षत्री और उसका साथी इमरान मौके से फरार होने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन पंप के बहादुर कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों ने घेराबंदी करके उन्हें पकड़ लिया। तुरंत इसकी सूचना उरला पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और जले हुए नोजल व बाइक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सलाखों के पीछे पहुंचे दोनों गुनहगार
पुलिस ने पेट्रोल पंप मैनेजर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उरला थाना प्रभारी रोहित माहेलकर ने बताया कि धर्मेंद्र क्षत्री और इमरान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन पर सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने और जानबूझकर आगजनी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर ली है। इस घटना ने एक बार फिर पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा नियमों के पालन की अहमियत को रेखांकित किया है।



