
रायपुर: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी की तैयारियों के बीच सहकारी समिति कर्मचारी संघ और डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के कारण प्रदेशभर की सहकारी समितियों में कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ गया है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
हड़ताल में 16 हजार कर्मचारी शामिल
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति महासंघ रायपुर और समर्थन मूल्य धान खरीदी डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेश के तकरीबन 16 हजार कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू ने बताया कि महासमुंद जिले के करीब 700 कर्मचारियों ने महासंघ के आह्वान का स्वस्फूर्त समर्थन किया है।
संघ की चार प्रमुख माँगें
सहकारी समिति कर्मचारी संघ और डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ की प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं:
- वेतन विसंगति दूर करना: कर्मचारियों के वेतन में व्याप्त असमानताओं को दूर कर उचित वेतनमान लागू किया जाए।
- नियमितीकरण: संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- पदोन्नति नीति लागू करना: कर्मचारियों के लिए स्पष्ट पदोन्नति नीति (Promotion Policy) लागू की जाए।
- सेवानिवृत्ति लाभों में सुधार: कर्मचारियों को बेहतर सेवानिवृत्ति लाभ (Retirement Benefits) प्रदान किए जाएं।
अन्य विशिष्ट माँगें
कर्मचारियों ने अपनी मांगों में कुछ विशिष्ट मुद्दे भी शामिल किए हैं, जिनमें:
- धान खरीदी में 3 फीसदी सुखत (धान के वजन में नमी के कारण कमी) को मान्य करना।
- डाटा एंट्री ऑपरेटरों की आउटसोर्सिंग से भर्ती बंद करना।
- मध्य प्रदेश की भांति समितियों को वेतन अनुदान देना।
- साल 2024-25 में सुखत को मान्य करने की मांग।
सभी संभागों में धरना प्रदर्शन शुरू
हड़ताल के पहले दिन सोमवार से सभी संभागों में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। रायपुर जिला संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष नरेंद्र साहू ने बताया कि रायपुर में जगह न मिलने के कारण महासमुंद के लोहिया चौक में संभाग स्तरीय धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। इस धरने में रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदा बाजार के सहकारी कर्मी शामिल होंगे।
संघ ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अब तक सरकार द्वारा कोई पहल नहीं होने के बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन आंदोलन का रुख अख्तियार किया है।
प्रशासन की तैयारी
राज्य सरकार ने 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की घोषणा की है। इस हड़ताल की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने समितियों में पहले से ही नए जूट बारदाने की व्यवस्था कर रखी है, ताकि हड़ताल की वजह से तुरंत कोई बड़ी समस्या पैदा न हो। खाद्य सचिव की टीम ने हाल ही में जिलों की विभिन्न समितियों का दौरा कर खरीदी की आवश्यक तैयारियों का जायजा भी लिया था।



