
रायपुर: देश भर के लाखों उपभोक्ताओं की रसोई पर आज बड़ा संकट आ गया है। छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के LPG गैस वितरक अपनी सेवा शुल्क बढ़ाने की मांग को लेकर आज (6 नवंबर) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। लगभग 26 हजार वितरक इस हड़ताल में शामिल हैं, जिसके कारण न केवल सिलेंडर की डिलीवरी रुकी है, बल्कि एजेंसियों से सिलेंडर खरीदे भी नहीं जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यदि यह हड़ताल जारी रही, तो शुक्रवार (7 नवंबर) तक सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह ठप हो जाएगी, जिससे आम जनता की परेशानी कई गुना बढ़ सकती है।
मुख्य मांग: ₹35 सेवा शुल्क को ₹110 करने की चुनौती
LPG वितरकों की हड़ताल का मुख्य कारण सेवा शुल्क (Service Charge) में वृद्धि की मांग है। वितरक संघ की मांग है कि उन्हें वर्तमान में मिलने वाले ₹35 के सेवा शुल्क को बढ़ाकर ₹110 किया जाए।
वितरक संघ के पदाधिकारियों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पिछले कई सालों से उनके सेवा शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि इसी दौरान परिवहन लागत, मजदूरी और रखरखाव (मेंटेनेंस) का खर्च दोगुना हो चुका है। उनका कहना है कि वे इस वृद्धि के लिए केंद्र सरकार को पहले ही प्रस्ताव भेज चुके हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है, जिसके बाद उन्हें मजबूरन यह रास्ता अपनाना पड़ा है।

उपभोक्ता परेशान: भोपाल में एजेंसियां बंद, खाली हाथ लौटे ग्राहक
इस हड़ताल का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ा है। भोपाल समेत कई बड़े शहरों में सभी LPG एजेंसियां बंद पाई गईं। कई उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुँचे, लेकिन उन्हें एजेंसी बंद देखकर खाली हाथ लौटना पड़ा।
डिलीवरी पूरी तरह से रुक जाने के कारण उन परिवारों में खासकर परेशानी बढ़ गई है, जिनकी रसोई में गैस खत्म हो चुकी है। यदि यह गतिरोध जल्द नहीं टूटा, तो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सिलेंडर की भारी किल्लत हो सकती है।
तीन चरणों में चला आंदोलन: सरकार को पहले ही दिया था संकेत
मध्यप्रदेश में वितरकों का यह आंदोलन अचानक शुरू नहीं हुआ है। वितरक संघ के मुताबिक, उन्होंने अपनी मांगों को मनवाने के लिए पहले ही सरकार को संकेत दे दिए थे और यह आंदोलन तीन चरणों में चलाया गया:
- पहला चरण: वितरकों ने काली पट्टी बांधकर काम किया।
- दूसरा चरण: राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया गया।
- तीसरा चरण: मांग पूरी न होने पर अब देशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी गई है।
वितरकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे सिलेंडर की डिलीवरी शुरू नहीं करेंगे।



