
धमतरी: Dhamtari Hospital: धमतरी जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते अस्पताल में मेजर सर्जरी बंद हो गई है। डॉक्टर लगातार नौकरी छोड़ते जा रहे है। फिलहाल अस्पताल में सिर्फ फ्रैक्चर और मामूली प्लास्टर जैसी छोटी सर्जरी ही की जा रही हैं।
नौकरी छोड़ रहे डॉक्टर
स्थिति और बिगड़ने वाली है क्योंकि अक्टूबर में डॉ. राकेश सोनी और नवंबर में डॉ. आभा हिशीकर नौकरी छोड़ने वाले हैं। दोनों डॉक्टर पहले ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएस) को वीआरएस आवेदन सौंप चुके हैं। इनके जाने से खासकर हड्डी रोग और मेडिसिन विभाग पर बड़ा असर पड़ेगा।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, डॉक्टरों के सेवानिवृत्ति और वीआरएस के कारण जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 14 पद रिक्त हो जाएंगे। शासन से अब तक नए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
5 जिलों के मरीज प्रभावित
धमतरी के जिला अस्पताल पर आसपास के 5 जिलों के मरीजों का बोझ है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे या बड़ी सर्जरी के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल से रायपुर और अन्य मेडिकल कॉलेजों में रेफर करना पड़ रहा है।
फिलहाल अस्पताल में ज्यादातर आंख और मौसमी बीमारियों के मरीज ही इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार, जिनके पास बड़े प्राइवेट अस्पतालों का खर्च उठाने की क्षमता नहीं है, सबसे ज्यादा परेशान हैं।
शासन से प्रस्ताव भेजा गया
सिविल सर्जन डॉ. ए.के. टोंडर ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
धमतरी जैसे बड़े जिला अस्पताल में लगातार डॉक्टरों की कमी और सर्जरी बंद होने की स्थिति ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शासन कितनी जल्दी नए डॉक्टरों की नियुक्ति करता है।



