
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर का कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने को लेकर छिड़ा विवाद अब शांत होता नजर आ रहा है। शनिवार को उन्होंने राजधानी रायपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से मुलाकात की। करीब पौन घंटे चली इस बैठक के बाद कंवर का रुख नरम पड़ गया है।

बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में ननकीराम कंवर ने कहा-
“प्रदेश अध्यक्ष ने मुझे बुलाया था। उन्होंने आश्वासन दिया है कि कोरबा कलेक्टर को हटाया जाएगा। अध्यक्ष जी ने बोल दिया तो मैं धरना नहीं दूंगा। अगर एक हफ्ते में कार्रवाई नहीं हुई, तो अगली रणनीति बनाऊंगा।”
प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कंवर से फोन पर बातचीत के बाद उन्हें कुशाभाऊ ठाकरे परिसर बुलाया था। इस दौरान पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद कंवर काफी संतुष्ट नजर आए और उन्होंने मीडिया के सामने प्रदेश नेतृत्व के निर्णय पर भरोसा जताया।
सीएम ने दी थी धरना न देने की सलाह
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने भी ननकीराम कंवर से बात कर धरना न देने की सलाह दी थी। बताया गया कि सरकार ने उनके लिखे शिकायती पत्र पर बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से जांच प्रतिवेदन मांगा है। दो-तीन दिनों में रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हाउस अरेस्ट के बाद बढ़ा था तनाव
गौरतलब है कि शुक्रवार रात ननकीराम कंवर रायपुर पहुंचे थे और उन्होंने घोषणा की थी कि यदि 4 अक्टूबर तक कोरबा कलेक्टर को नहीं हटाया गया, तो वे धरने पर बैठेंगे। उन्होंने इसके लिए रायपुर जिला प्रशासन को पत्र भी दिया था। शनिवार सुबह 10.30 बजे से वे धरना शुरू करने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके बाद दिनभर गहमागहमी और राजनीतिक हलचल बनी रही।
क्यों नाराज़ हैं ननकीराम कंवर?
पूर्व गृहमंत्री कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के खिलाफ 14 बिंदुओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से उन्हें हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि कलेक्टर के कार्यों में अनियमितताएं हैं और कई प्रशासनिक मामलों में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
अब आगे क्या?
भाजपा सूत्रों के अनुसार, कंवर और प्रदेश नेतृत्व के बीच समझौते के बाद पार्टी अब स्थिति को सामान्य करने में जुट गई है। यदि जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होती है, तो अगले हफ्ते के भीतर कलेक्टर को हटाया जा सकता है।
राजनीतिक गलियारों में यह मुलाकात ननकीराम कंवर और भाजपा नेतृत्व के बीच बनी खाई को पाटने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



