
धमतरी नगर निगम में प्रशासनिक अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहा कांग्रेस पार्षदों का धरना शुक्रवार को उग्र हो गया। दोपहर में जैसे ही महापौर रामू रोहरा की गाड़ी निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंची, वहां पहले से मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ता और पार्षद गाड़ी के सामने ही सड़क पर बैठ गए। कांग्रेसियों ने महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला रखकर विरोध जताया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा और किसी तरह भीड़ को हटाकर रास्ता साफ कराया गया।

रेलवे प्रभावितों का मुद्दा गरमाया: कड़ाके की ठंड में तंबू के नीचे रहने को मजबूर परिवार
कांग्रेसियों के इस आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा बड़ी रेल लाइन परियोजना से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवार इस कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। वे बस स्टैंड और डागा धर्मशाला के पास तंबू लगाकर रातें काट रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा है। कांग्रेस पार्षदों ने महापौर पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रभावितों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है और उनके रहने के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: घोटाले और अधूरी मूलभूत सुविधाओं पर घेरा
धरने पर बैठे विपक्षी पार्षदों ने नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर आरोपों की लंबी सूची पेश की है। उन्होंने शहर के 40 वार्डों में विकास कार्य ठप्प होने की बात कही है। कांग्रेस ने मांग की है कि निगम में हुए विभिन्न घोटालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विरोध के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
Also Read: धमतरी नगर निगम में टिप्पर खरीदी घोटाले से हड़कंप, पार्षदों ने उठाए सवाल
- घोटालों की जांच: डीजल-पेट्रोल, डम्पर और घटिया क्वालिटी के रिक्शा खरीदी की उच्च स्तरीय जांच हो।
- आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तों का भुगतान न होने से हितग्राही परेशान हैं और नई स्वीकृतियों पर रोक लग गई है।
- बदहाल सुविधाएं: शहर की जर्जर सड़कें, पेयजल संकट और सफाई व्यवस्था की बदहाली से जनता त्रस्त है।
- सामान्य सभा: महापौर और सत्ता पक्ष चर्चा से बचने के लिए सामान्य सभा की बैठक आयोजित करने से भाग रहे हैं।

विपक्ष का अल्टीमेटम: मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
नगर निगम के बाहर चल रहे इस सात दिवसीय धरना प्रदर्शन के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर और उपनेता प्रतिपक्ष सत्येंद्र देवांगन सहित कई दिग्गज कांग्रेसी नेता शामिल हुए। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक भ्रष्टाचार की जांच शुरू नहीं होती और रेलवे प्रभावितों को घर नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि महापौर ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और बुनियादी सुविधाओं को बहाल नहीं किया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल निगम प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
Also Read: विधायक अजय चंद्राकर के प्रयास से अनुपूरक बजट में कुरुद को मिला करोड़ों की सौगात



