
बस्तर जिले के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में वन्यजीवों की तस्करी का एक और मामला उजागर हुआ है। दरभा थाना पुलिस जब तीरथगढ़ चौक पर गाड़ियों की नियमित जांच कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वहां पहुंची। पुलिस ने जैसे ही गाड़ी को रुकने का इशारा किया, चालक ने वाहन की गति बढ़ा दी। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी देख तस्करों को लगा कि वे पकड़े जाएंगे, इसलिए वे बीच सड़क पर ही गाड़ी छोड़कर घने जंगलों की ओर भाग निकले। पुलिस ने काफी दूर तक उनका पीछा किया, लेकिन अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर अपराधी गायब होने में कामयाब रहे।
दुर्लभ जीव का रेस्क्यू: बोरे में बंद मिला 10 किलो का पैंगोलिन
जब पुलिस की टीम ने लावारिस हालत में छूटी स्कॉर्पियो की बारीकी से तलाशी ली, तो उसके भीतर एक बोरे में हलचल महसूस हुई। बोरा खोलने पर उसमें करीब 10 किलोग्राम वजनी एक दुर्लभ पैंगोलिन मिला। पैंगोलिन को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तुरंत सुरक्षित तरीके से जीव का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बरामदगी के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है कि किस तरह सुरक्षा के दावों के बावजूद तस्कर बेखौफ होकर जंगलों से इन दुर्लभ जीवों को उठा रहे हैं।

वन विभाग की एंट्री: संरक्षण कानून के तहत तस्करों पर कसा जाएगा शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए दरभा पुलिस ने फौरन वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। पैंगोलिन को अब वन विभाग की टीम ने अपनी सुरक्षा में ले लिया है और उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, पैंगोलिन वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत ‘शेड्यूल-1’ का जीव है और इसकी तस्करी करना एक बेहद गंभीर गैर-जमानती अपराध है। वन विभाग ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और बरामद गाड़ी के नंबर के आधार पर उनके मालिकों और अपराधियों का सुराग लगाया जा रहा है।
बस्तर के जंगलों में तस्करों की बढ़ती सक्रियता ने बढ़ाई चिंता
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ के वनांचलों में दुर्लभ जीवों पर तस्करों की पैनी नजर है। पैंगोलिन की खाल और अंगों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग के कारण इनकी तस्करी बढ़ रही है। स्थानीय प्रशासन ने अब तीरथगढ़ और आसपास के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें अब फरार तस्करों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
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