
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रभाव वाले राजनांदगांव जिले में भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. नवगठित घुमका नगर पंचायत के पहले ऐतिहासिक चुनाव में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है. कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी फूलमती वर्मा ने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी को 85 मतों के अंतर से पटखनी देकर इस नए निकाय की पहली अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया है. हालांकि अध्यक्ष की कुर्सी गंवाने के बाद भी वार्ड स्तर पर भाजपा की पकड़ मजबूत दिखाई दी है, जिससे आने वाले समय में यहां की स्थानीय राजनीति काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम की साख दांव पर, दिग्गजों के प्रचार के बाद भी हारी भाजपा
घुमका नगर पंचायत के इस चुनाव को जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. इस नए निकाय में कमल खिलाने के लिए सरकार और संगठन के कई बड़े चेहरों ने लगातार चुनावी सभाएं और जनसंपर्क किया था. इस हाई-प्रोफाइल चुनाव प्रचार में शामिल मुख्य दिग्गजों की सूची इस प्रकार है:

- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद संभाली थी प्रचार की कमान.
- उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किए थे लगातार दौरे.
- पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और पूर्व महापौर मधुसूदन यादव ने भी झोंकी थी अपनी ताकत.
पार्षद चुनाव में भाजपा का एकतरफा दबदबा, 15 में से 10 वार्डों में जीते पार्टी प्रत्याशी
भले ही भाजपा को अध्यक्ष पद पर हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन वार्ड स्तर के नतीजों ने पार्टी को बड़ी राहत दी है. घुमका नगर पंचायत की 15 सदस्यीय परिषद में मतदाताओं ने भाजपा के पार्षदों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. चुनाव परिणामों के बाद वार्डों की दलीय स्थिति इस प्रकार सामने आई है:
- भारतीय जनता पार्टी: कुल 10 वार्डों में शानदार जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत पाया है.
- कांग्रेस: अध्यक्ष पद जीतने वाली कांग्रेस को केवल 3 वार्डों में ही सफलता मिल सकी है.
- निर्दलीय: 1 वार्ड में स्वतंत्र उम्मीदवार ने बाजी मारी है.
भूपेश बघेल की जनसभा ने पलटा पासा, इन कांग्रेसी नेताओं की रणनीति से मिली जीत
संसाधनों और सत्ता पक्ष के भारी दबाव के बीच कांग्रेस की इस चुनावी सफलता के पीछे उसके शीर्ष नेताओं की सोची-समझी जमीनी रणनीति को मुख्य वजह माना जा रहा है. राजनांदगांव के इस बेल्ट में कांग्रेस का सूखा खत्म करने में इन प्रमुख नेताओं की भूमिका सबसे अहम रही:
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की चुनावी जनसभा ने मतदाताओं का रुख बदलने में बड़ी भूमिका निभाई.
- वरिष्ठ नेता नवाज खान की क्षेत्र में लगातार सक्रियता ने संगठन को मजबूती दी.
- डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल की जमीनी रणनीति और सघन जनसंपर्क अभियान से फूलमती वर्मा की जीत की राह आसान हुई.
त्रिशंकु व्यवस्था में विकास कार्यों की चुनौती, अध्यक्ष और पार्षदों के बीच तालमेल पर टिकी नजरें
घुमका नगर पंचायत के इस चुनाव परिणाम ने एक बहुत ही अनोखी प्रशासनिक स्थिति पैदा कर दी है. अब इस नगरीय निकाय की कमान तो कांग्रेस की अध्यक्ष फूलमती वर्मा के हाथों में सुरक्षित रहेगी, लेकिन परिषद को चलाने के लिए आवश्यक बहुमत भाजपा के 10 पार्षदों के पास होगा. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस व्यवस्था में आने वाले समय में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए इन मुख्य बिंदुओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा:
- नए विकास प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को भाजपा पार्षदों के सहयोग की जरूरत होगी.
- सालाना बजट बैठकों के दौरान दोनों विपरीत विचारधारा वाले दलों के बीच कड़ा टकराव देखने को मिल सकता है.
- जनहित की बुनियादी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए अध्यक्ष के सामने परिषद के इस भारी बहुमत को साधने की सबसे बड़ी चुनौती रहेगी.



