
रायपुर: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में रायपुर लोकसभा क्षेत्र एक अभूतपूर्व आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। आगामी 15 जनवरी को दोपहर ठीक 12:55 बजे रायपुर के 5 लाख विद्यार्थी और युवा एक साथ सामूहिक रूप से इस गौरवशाली गीत का गायन करेंगे। इस मेगा इवेंट में क्षेत्र के 3000 से अधिक स्कूल और कॉलेज हिस्सा लेंगे। यह अपनी तरह का पहला ऐसा आयोजन होगा जहां किसी एक लोकसभा क्षेत्र के इतनी बड़ी संख्या में युवा एक ही समय पर राष्ट्रगीत का वाचन करेंगे। कार्यक्रम संयोजक दानसिंह देवांगन के मुताबिक, इस सामूहिक गायन के जरिए रायपुर पूरे देश में देशभक्ति का एक नया संदेश देगा।
सुभाष स्टेडियम में मुख्य समारोह: हेलीकॉप्टर से होगी पुष्प वर्षा और सतरंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
इस विशाल अभियान का मुख्य केंद्र राजधानी का सुभाष स्टेडियम होगा, जहां लगभग 20 हजार युवा एकत्रित होकर वंदे मातरम गाएंगे। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन के दौरान जब छात्र राष्ट्रगीत गाएंगे, तब आसमान से हेलीकॉप्टर के जरिए उन पर फूलों की बारिश की जाएगी। इसके अलावा, देश की आजादी के संघर्ष को दर्शाने वाले विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और नृत्य नाटिकाओं की प्रस्तुति भी दी जाएगी। यह नजारा न केवल देखने लायक होगा, बल्कि युवाओं में राष्ट्रीय गौरव और एकता का भाव भी भरेगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कसी कमर: अधिकारियों को दिए निर्देश, इतिहास रचने की तैयारी
इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शनिवार को विभिन्न सरकारी विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। सांसद ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वाधीनता संग्राम की वह शक्ति है जिसने करोड़ों भारतीयों में जोश भरा था। उन्होंने जिला पंचायत, नगर निगम, शिक्षा विभाग और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। बैठक में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाइड और एनटीपीसी के अधिकारियों को भी विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि सुरक्षा और अनुशासन बना रहे।
युवाओं में जगेगी देशभक्ति की अलख: इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा रायपुर का नाम
सांसद अग्रवाल के अनुसार, रायपुर का यह आयोजन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। आज के दौर में विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली विरासत और महान क्रांतिकारियों के बलिदान से जोड़ने के लिए यह प्रयास बेहद प्रासंगिक है। सामूहिक गायन के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्रवाद की प्रेरणा मिलेगी। आयोजन में शामिल होने वाले सभी संस्थानों को निर्धारित समय का सख्ती से पालन करने को कहा गया है ताकि 5 लाख युवाओं की आवाज एक सुर में गूंजे। इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी के छात्र-छात्राओं और शिक्षण संस्थानों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।



