
छत्तीसगढ़ सरकार ने शुष्क दिवस घोषित किया है। इस दिन शराब दुकान, होटल-बार में शराब पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। अगर पीते या पिलाते पकड़े गये तो ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस इस दिन प्रदेश के सभी जिलों में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। सरकार ने यह फैसला राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया है। इस दौरान सरकारी शराब दुकानों से लेकर निजी बार तक सब कुछ बंद रहेगा।
देशी-विदेशी शराब दुकानें और बार रहेंगे पूरी तरह बंद
आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक राज्य की सभी देशी और विदेशी शराब दुकानें बंद रखी जाएंगी। सिर्फ दुकानें ही नहीं बल्कि प्रीमियम काउंटर, कंपोजिट शॉप और होटल-बार में भी शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा सैनिक कैंटीन (एफएल 7) में भी शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाई गई है ताकि उस दिन शराब का कोई भी कारोबार न हो सके।
नियम तोड़ा तो होगी जेल, पुलिस की रहेगी पैनी नजर
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शुष्क दिवस के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेचते या सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें पूरे दिन गश्त करेंगी। अवैध शराब के भंडारण और परिवहन को रोकने के लिए विशेष जांच दल भी तैनात किए गए हैं।
आबकारी अधिनियम के तहत शासन ने जारी किया आदेश
यह फैसला छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 के नियमों के तहत लिया गया है। वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित आबकारी नीति के प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रीय पर्वों पर शराब बंदी अनिवार्य है। शासन के निर्देश में कहा गया है कि 26 जनवरी 2026 को शराब दुकानों के साथ-साथ शराब के भंडारण केंद्रों (वेयरहाउस) से होने वाला लेनदेन भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
शराब प्रेमियों के लिए जरूरी सूचना और सख्ती के संकेत
26 जनवरी को सुबह से लेकर देर रात तक शराब की एक भी दुकान नहीं खुलेगी। इसका मतलब है कि फुटकर स्तर पर शराब की कोई उपलब्धता नहीं होगी। सरकार ने साफ किया है कि शुष्क दिवस का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे कानून का पालन करें और राष्ट्रीय पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने में सहयोग दें।



