
छत्तीसगढ़ की राजनीति में सक्रिय आम आदमी पार्टी (आप) के लिए बुरी खबर आई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने अपने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेज दिया है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से संगठन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। गोपाल साहू के इस अचानक फैसले ने राज्य में पार्टी की भविष्य की योजनाओं पर सवालिया निशान लगा दिया है।
प्रभारी से अनबन और गुटबाजी बनी वजह
राजनीतिक गलियारों में इस इस्तीफे के पीछे की मुख्य वजह प्रदेश प्रभारी के साथ चल रहे मनमुटाव को माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो संगठन चलाने के तौर-तरीकों को लेकर गोपाल साहू और प्रदेश प्रभारी के बीच पिछले काफी दिनों से खींचतान चल रही थी। साहू को जुलाई 2024 में ही प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेद और तालमेल की कमी ने अंततः उन्हें यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

संगठन की सक्रियता के बीच बड़ा संकट
हैरानी की बात यह है कि कुछ समय पहले ही पार्टी छत्तीसगढ़ में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशों में जुटी थी। सह-प्रभारी मुकेश अहलावत के दौरों के साथ कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की रणनीति बनाई गई थी। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया था कि वे भविष्य में किसी भी बड़े दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगे और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे। लेकिन अब शीर्ष नेतृत्व के इस्तीफे ने कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ दिया है। अब देखना होगा कि राष्ट्रीय नेतृत्व इस खाली हुए पद पर किसे बिठाता है और डैमेज कंट्रोल कैसे करता है।



