
जांजगीर-चाम्पा जिले के अकलतरा क्षेत्र के सांकर गांव में एक किसान द्वारा जहर पीकर जान देने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। किसान अनुराग सिंह चंदेल ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने प्रशासन पर धान खरीदी न करने का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। वीडियो सोशल मीडिया पर फैलते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। आनन-फानन में किसान को बिलासपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनका उपचार चल रहा है।
धान खरीदी बनाम टोकन: दावों में विरोधाभास
इस मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले लिया है। किसान का आरोप है कि धान न बिकने के कारण वह परेशान था, लेकिन प्रशासन का पक्ष इसके बिल्कुल विपरीत है। भाजपा किसान मोर्चा और स्थानीय अधिकारियों का तर्क है कि किसान का तीन बार टोकन कटा है और वह दो बार अपना धान बेच भी चुका है। प्रशासन का कहना है कि आत्महत्या के प्रयास के पीछे कोई अन्य निजी कारण हो सकते हैं, जिसे धान खरीदी से जोड़कर देखा जा रहा है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
छत्तीसगढ़ की सियासत में उबाल
इस घटना के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सरकार की धान खरीदी नीति को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सवाल किया कि आख़िर कब तक किसान इस तरह के कदम उठाने को मजबूर होंगे। वहीं, सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे सरकार को बदनाम करने की साजिश बताते हुए आंकड़े पेश किए हैं कि संबंधित किसान की धान खरीदी की प्रक्रिया नियमानुसार चल रही थी। फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी गांव में कैंप कर रहे हैं।
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