PM Kisan 22th Installment: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार: लेकिन इन गलतियों से अटक जाएगी आपकी सम्मान निधि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के पात्र किसानों को अब अपनी 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। इस योजना के जरिए केंद्र सरकार हर साल खेती-किसानी में मदद के लिए 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि दो-दो हजार रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। अब तक सरकार 21 किस्तें सफलतापूर्वक जारी कर चुकी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 22वीं किस्त की राशि फरवरी 2026 के आखिरी सप्ताह तक खातों में पहुंच सकती है, हालांकि सरकार ने अभी किसी निश्चित तारीख का औपचारिक ऐलान नहीं किया है।

ई-केवाईसी के बिना नहीं मिलेगा पैसा

अगर आपने अभी तक अपने खाते की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो आपकी आने वाली किस्त रुक सकती है। सरकार ने फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। किसान घर बैठे पीएम किसान पोर्टल के जरिए या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक के माध्यम से केवाईसी करवा सकते हैं। इसके बिना लाभार्थी सूची में नाम होने के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया बीच में ही अटक जाएगी।

भू-सत्यापन और लैंड रिकॉर्ड अपडेट जरूरी

सम्मान निधि का लाभ केवल उन्हीं किसानों को दिया जाता है जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन दर्ज है। कई किसानों की किस्तें इसलिए रुकी हुई हैं क्योंकि उनका भू-सत्यापन (Land Verification) पूरा नहीं हुआ है। राजस्व विभाग की टीम जमीन के रिकॉर्ड की जांच करती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लाभार्थी वास्तव में किसान है। अगर आपने हाल ही में जमीन खरीदी है या विरासत में मिली है, तो अपने दस्तावेजों को कृषि कार्यालय में अपडेट जरूर करवा लें, वरना सिस्टम आपको अपात्र घोषित कर सकता है।

बैंक खाते में डीबीटी का सक्रिय होना अनिवार्य

पीएम किसान का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजा जाता है। इसके लिए आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और खाते में डीबीटी (DBT) विकल्प सक्रिय होना जरूरी है। अक्सर बैंक खातों में आधार लिंक होने के बावजूद डीबीटी सेवा बंद रहती है, जिससे सरकारी पैसा वापस लौट जाता है। लाभार्थी को अपने बैंक जाकर यह जांच लेना चाहिए कि उनका खाता आधार सीडेड (Aadhaar Seeded) है या नहीं।

इन छोटी गलतियों से कट सकता है नाम

किस्त न आने की एक बड़ी वजह आवेदन फॉर्म में नाम, स्पेलिंग या पते की गलतियां होती हैं। अगर आपके आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग है, तो डेटा मिसमैच होने के कारण भुगतान फेल हो जाता है। इसके अलावा बैंक का आईएफएससी (IFSC) कोड बदलने या गलत अकाउंट नंबर दर्ज होने पर भी दिक्कत आती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे पीएम किसान पोर्टल पर ‘नो योर स्टेटस’ (Know Your Status) विकल्प पर जाकर अपनी प्रोफाइल में सुधार कर लें।

पोर्टल पर ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

अपना स्टेटस चेक करने के लिए किसानों को आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा। यहां ‘बेनेफिशियरी लिस्ट’ में जाकर आप देख सकते हैं कि आपका नाम सक्रिय है या नहीं। अगर आपके स्टेटस में ‘FTO is Generated’ लिखा आ रहा है, तो इसका मतलब है कि आपकी किस्त जल्द ही आने वाली है। यदि वहां कोई कमी या ‘Stop by Center/State’ लिखा है, तो तुरंत अपने जिले के कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते समाधान हो सके।

Also Read: Free Gas Cylinder: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: छत्तीसगढ़ में 13 हजार परिवारों को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button