
छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने धान खरीदी की समय सीमा को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की है कि जो किसान किसी तकनीकी कारण या अन्य दिक्कतों की वजह से अब तक अपना धान नहीं बेच पाए थे, उन्हें एक और अवसर दिया जाएगा। इस फैसले से उन हजारों किसानों के चेहरे खिल गए हैं, जो अपनी फसल बेचने के लिए परेशान थे।
दो दिनों के लिए फिर खुलेंगे केंद्र
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के धान खरीदी केंद्रों को दो दिनों की विशेष अवधि के लिए दोबारा खोला जाएगा। यह समय उन किसानों के लिए ‘बोनस’ की तरह है जिनका पंजीकरण होने के बावजूद तौल नहीं हो पाई थी। सरकार का मानना है कि फसल का एक-एक दाना खरीदना उनकी प्राथमिकता है और इस अतिरिक्त समय से अंतिम छोर के किसान को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।
वंचित किसानों को मिलेगा प्राथमिकता से मौका
यह विस्तार सभी के लिए नहीं, बल्कि विशेष रूप से उन किसानों के लिए है जो तय समय सीमा के भीतर अपनी उपज नहीं ला सके थे। कई जिलों से शिकायतें मिल रही थीं कि सर्वर डाउन होने या टोकन कटने के बावजूद समय खत्म होने के कारण धान की तुलाई नहीं हो सकी। अब इन ‘वंचित’ किसानों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनकी फसल खरीदी जाएगी।
सीएम साय ने खुद दी जानकारी
रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रदेश के किसान हमारी प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि हमें जानकारी मिली थी कि कुछ क्षेत्रों में किसान भाई अपना धान बेचने से चूक गए हैं। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए हमने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पोर्टल को दोबारा खोला जाए ताकि कोई भी पात्र किसान नुकसान में न रहे।
अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
खरीदी की तारीख बढ़ाने के साथ ही प्रशासनिक अमले को भी सतर्क कर दिया गया है। जिला कलेक्टरों और खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन दो दिनों के भीतर सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मंडियों में बारदाने की उपलब्धता और तौल मशीनों की स्थिति की जांच पहले ही पूरी कर ली जाएगी ताकि किसानों को केंद्रों पर अधिक इंतजार न करना पड़े।
समय सीमा खत्म होने से थी चिंता
इससे पहले धान खरीदी की आधिकारिक अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद कई केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया था। जिन किसानों के पास स्टॉक बचा था, वे चिंता में थे कि उन्हें अपनी उपज बिचौलियों को कम दाम पर न बेचनी पड़ जाए। सरकार के इस ताजा फैसले ने बिचौलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है और किसानों को सही सरकारी दाम मिलने की उम्मीद जगी है।
धान खरीदी के अब तक के रिकॉर्ड
छत्तीसगढ़ में इस सीजन में धान खरीदी के पुराने कई रिकॉर्ड टूट चुके हैं। राज्य सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने का वादा किया है, जिसे पूरा करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अब इन दो अतिरिक्त दिनों में होने वाली खरीदी से कुल संग्रहण का आंकड़ा एक नए स्तर पर पहुंचने की संभावना है, जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
किसान इन बातों का रखें ध्यान
विशेष अवधि में धान बेचने आने वाले किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने जरूरी दस्तावेज और पिछला टोकन साथ रखें। केंद्रों पर भीड़ से बचने के लिए संबंधित समितियों से संपर्क कर समय की जानकारी लेना बेहतर होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी, केवल समय बढ़ाया गया है ताकि पारदर्शिता के साथ पूरी प्रक्रिया संपन्न हो सके।



