पूर्व मंत्री कवासी लखमा का बजट सत्र पर सस्पेंस: विधानसभा जाने के लिए कोर्ट से मांगी इजाजत, 23 फरवरी से शुरू होगा सत्र

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आगामी 23 फरवरी से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए लखमा ने विशेष आवेदन दिया है। शराब घोटाले से जुड़े मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे लखमा ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से भी मुलाकात कर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग रखी है। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर सदन में जनता की आवाज उठाने को उन्होंने अपना संवैधानिक अधिकार बताया है।

स्पेशल कोर्ट में दी अपनी लोकेशन की जानकारी

हाल ही में 19 फरवरी को कवासी लखमा रायपुर स्थित ईडी (ED) की विशेष अदालत में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने कोर्ट को अपनी आगामी गतिविधियों और ठहरने के स्थान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे जांच प्रक्रिया में पूरी तरह सहयोग करेंगे। कोर्ट ने उनके बयानों को रिकॉर्ड पर ले लिया है और अब सभी की नजरें सत्र में शामिल होने की अनुमति वाले फैसले पर टिकी हैं।

अब ओडिशा के मलकानगिरी में होगा ठिकाना

कोर्ट में पेशी के दौरान बचाव पक्ष की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि कवासी लखमा फिलहाल ओडिशा के मलकानगिरी जिले में रहेंगे। उनके वकीलों ने कोर्ट को बताया कि वे जांच एजेंसियों के हर सवाल का जवाब देने के लिए उपलब्ध रहेंगे और कोर्ट द्वारा तय की गई सभी शर्तों का कड़ाई से पालन करेंगे। मलकानगिरी में रहने की सूचना आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड में दर्ज करा दी गई है ताकि उनकी गतिविधियों को लेकर कोई कानूनी भ्रम की स्थिति न रहे।

सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

कवासी लखमा के लिए इस राजनीतिक और कानूनी लड़ाई में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिली। कथित 32 करोड़ रुपये के शराब घोटाले के मामले में शीर्ष अदालत से मिली इस राहत के बाद उनके बजट सत्र में शामिल होने की कानूनी राह आसान होती दिख रही है। हालांकि, सत्र में भाग लेने का अंतिम फैसला संबंधित विशेष अदालत और विधानसभा की प्रक्रियात्मक अनुमति पर ही निर्भर करेगा।

घटनाक्रम का विवरणमहत्वपूर्ण जानकारी
बजट सत्र की शुरुआत23 फरवरी 2026
कोर्ट में पेशी की तारीख19 फरवरी 2026
वर्तमान निवास स्थानमलकानगिरी, ओडिशा
मामला32 करोड़ का कथित शराब घोटाला

बचाव पक्ष ने रखा अपना पक्ष

लखमा के वकील फैजल रिजवी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि उनके मुवक्किल ने कानून का हमेशा सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट को ठहरने और यात्रा से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां दे दी गई हैं। वकील का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के रुख को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि उन्हें एक विधायक के तौर पर बजट सत्र की महत्वपूर्ण चर्चाओं में हिस्सा लेने की अनुमति मिल सकती है।

सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज

छत्तीसगढ़ की राजनीति में कवासी लखमा एक कद्दावर चेहरा माने जाते हैं। उनके बजट सत्र में शामिल होने या न होने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के बीच चर्चाएं गर्म हैं। कांग्रेस पार्टी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के तौर पर देख रही है, वहीं सत्ता पक्ष नियमों और न्यायिक प्रक्रिया के पालन की बात कह रहा है। 23 फरवरी से पहले आने वाला अदालती आदेश यह तय करेगा कि बस्तर का यह दिग्गज नेता सदन की कार्यवाही में नजर आएगा या नहीं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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